![]() |
जिले में सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों का अगल बगल की जगहों पर जाकर बस जाना कोई नया नही है, ऐसे ही जिले के जेठवारा निवासी मोतीलाल गुप्ता ने करीब छह माह पहले इलाहाबाद के फाफामऊ की शान्तिपुरम कालोनी में मकान बनवाया और वहाँ रहने लगे। उनका बेटा पंकज गुप्ता, बहू सीमा गुप्ता और चार साल का पोता आदित्य भी साथ मे ही नए मकान में रहते थे। पंकज एक दवा कम्पनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। सीमा रोज सुबह करीब साढ़े चार बजे मॉर्निंग वॉक के लिए जाती थी और 6 बजे के बाद वापस लौटती। मंगलवार सुबह भी वो रोज की तरह टहलने के लिए निकली, लेकिन जब साढ़े 6 बजे तक भी वापस न लौटी तो पति पंकज खोजने के लिए निकला, कहीं दिखाई न पड़ने पर सीमा के मायके फोन करके भी पूछा लेकिन वहाँ भी नही गयी थी। थक कर पंकज वापस घर आ गया और सुबह 8 बजे के बाद फिर खोजने निकले। सीमा के ससुर को घर से कुछ दूर नाले के किनारे सीमा का दुपट्टा मिला और पास में ही खून के निशान भी दिखे। खून देखकर मन मे शंका हुई और पास में खाली पड़े प्लाट में झाड़ियों के पास गए तो वहाँ उन्हें सीमा बुरी तरह घायल अवस्था मे मिली। तुरन्त सीमा को पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया जहां से डॉक्टरों ने उन्हें बड़े हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया। बेली अस्पताल पहुँचने पर डॉक्टरों ने प्रथम जाँच में ही मृत घोषित कर दिया।
इस हत्याकांड के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और पुलिस ने मृतका के ससुर की तहरीर पर गहनों की लूट व हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। प्राथमिक जाँच में फॉरेंसिक टीम ने खून के निशान व अन्य सबूतों के सैम्पल ले लिए हैं। खोजी कुत्ते बार-बार सीमा के घर और उसके पति पंकज के आस पास ही मंडराते रहे और पुलिस ने जब भी पंकज से बात करने का प्रयास किया तो वो बार बार बेहोश हो जाता। पुलिस को सीमा के मोबाइल की जाँच में किसी से वीडियो चैट का भी सबूत मिला।
हादसे से जेठवारा में मोतीलाल के पड़ोसी भी सदमे में आ गए। अचानक आई इस खबर पर किसी को एकबारगी यकीन ही नही हुआ।
