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प्रतापगढ़| सोमवार को समाजवादी पार्टी नेता व पूर्व जिला पंचायत प्रत्याशी वीरेन्द्र यादव हत्याकांड में प्रतापगढ़ पुलिस ने 2 लोगों को दोनली बंदूक के साथ अरेस्ट कर हवालात भेजा है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी ने गुनाह कबूल किया कि उसने ही सपा नेता को मारा है। इस दौरान आरोपित ने कहा कि अगर वो वीरेंद्र यादव की हत्या न करता तो वो उसके साथ-साथ अन्य तीन लोगों को जान से मार देता। पड़ोसी ज़िले इलाहाबाद से मित्रों को बुलाकर पार्टी किए जाने से शक होने पर मर्डर किया गया।
ज़िले के बाघराय थाना अंतर्गत आने वाले गांव आई का पुरवा चकवड़ के रहिवासी वीरेन्द्र यादव और अमर बहादुर उर्फ महाजन यादव के मध्य सियासी वर्चस्व को लेकर काफी समय से आपसी विवाद था। गांव में सड़क निर्माण के दौरान खड़ंजा बिछाने को लेकर हुए नए विवाद ने आग में घी का कार्य किया।
गांव के ही चौराहे पर कार से पानमसाला लेने गए सपा नेता वीरेंद्र की शनिवार की रात हत्या कर दी गयी। पुलिस ने मुस्तैदी बरतते हुए मामले में अमर बहादुर सहित अन्य 9 लोगो के विरुद्ध के धाराओ में केस पंजीकृत कर आरोपितों की खोजबीन चालू की। सोमवार को मुख्य हत्या के आरोपी अमर बहादुर उर्फ महाजन यादव और राजू को पुलिस ने धार दबोचा। हत्यारोपी अमर बहादुर हत्या में प्रयुक्त अपने भाई अमरजीत की दोनली बंदूक और राजू के साथ गांव से भागने की जुगाड़ में गुड्डू चौराहे पर खड़ा था। जब पुलिस को एक मुखबिर से इसकी सूचना मिली यो पुलिस दल-बल के साथ मौके ओर पहुंच गई और दोनो को धर दबोचा। मीडिया से वार्ता के दौरान हत्यारोपी अमर बहादुर ने सपा नेता वीरेन्द्र की हत्या की गुनाह कबूल किया। जिसके बाद उसका कहा कि अगर वह वीरेंद्र को नही मारता तो वह उसे और उसके तीन लोगों का मर्डर कर देता। हत्याकांड के दिन मृतक सपा नेता ने इलाहाबाद से आधा दर्जन लोगों को घर बुलाकर गोश्त इत्यादि की पार्टी कर रहे थे। लेकिन अमर बहादुर को सपा नेता द्वारा मरवाये जाने के संदेह पर उसने ऐसा कदम उठाया।
