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आइये अब मुद्दे पर आते हैं यह बात है एसओ उदयपुर की इनको केवल वाहन चेकिंग लगाना आता है आज मंगलवार सांय लगभग सात बजे के करीब भूसू का पुरवा पुल के पास वाहन चेकिंग लगी थी, तभी मान सिंह पुत्र भगत सिंह एक बीमार मरीज को लेकर हॉस्पिटल जा रहा था, जब पुलिस ने उसे कागज दिखाने को कहा तो उसने वाहन के उपलब्ध कागज दिखाए, पर पुलिस ने हेलमेट नहीं होने की वजह से उसका चालान कटवाने के लिए कहा तो मान सिंह ने कहाकि श्रीमान जी जल्दी में हेलमेट लगाना भूल गया था, कृपया अभी के लिए क्षमा कर दीजिए आगे से बिना लगाए वाहन नहीं चलाऊंगा तब उदयपुर पुलिस ने उससे पैसे की मांग की, तब किसी कारण वश वाहन चालक ने पैसे देने से साफ इंकार कर दिया, तब उदयपुर पुलिस के एक एसओ व आरक्षी ने उक्त व्यक्ति को मारने के लिए लाठी उठा ली और उसे गंदी-गंदी गालियां देने लगे और मोबाइल भी छीन लिया गया, मान सिंह के साथ रहे मरीज की हालत गंभीर होती जा रही थी, लेकिन एसओ उदयपुर का दिल नहीं पसीजा, वह पैसे लेने की जिद पर अड़े रहे, उक्त व्यक्ति एसओ के आगे हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाता रहा, विनती करता रहा पर पत्थर दिल एसओ उदयपुर पर कोई असर नहीं पड़ा, उक्त घटनाक्रम को देख रहे एक व्यक्ति के गांव के एक निवासी ने जब इसकी जानकारी गांववालों को दी तो ग्रामीण आक्रोशित हो गए और गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धावा बोल दिया तब सांगीपुर पुलिस की फोर्स ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया-बुझाया और मामले को शांत कराया, पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस विभाग के उच्चाधिकारियों से की है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम उदयपुर के विवादित व भ्रष्टाचारी थानाध्यक्ष पर कार्यवाही करते हैं या ऐसे ही छोड़ देते हैं ।
