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उक्त वजन की मशीनें ज़िले की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को वितरण की जानी थी, जिसकी सप्लाई बाल विकास परियोजना विभाग को करनी थी, लेकिन बजट के अभाव व कमीशन खोरी के शिकायतों के चलते पूर्व जिलाधिकारी ने इसका भुगतान स्वास्थ्य विभाग को ग्राम्य स्वास्थ्य समिति से करवाने का आदेश दिया। जिसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और ANM को संयुक्त रुप से सौंपी गई। जिसपर ग्राम प्रधानों ने दूसरे विभाग का मशीन का भुगतान देने से इन्कार कर दिया।
भुगतान न होने से परेशान आपूर्तिकर्ताओं ने DM के यहां शरण ली, जिसके उपरांत आज यह आदेश डीएम ने दिया। विभागीय जानकारों ने बताया कि कम दामों की मशीनों का भुगतान प्रत्येक का 1300/- के हिसाब से होना है और किसी भी ANM के खाते मे पैसा नहीं है। जिलाधिकारी के इस आदेश से महिला कर्मियों की दीवाली काली हो गयी। डीएम के इस आदेश से सभी एएनएम व HV कर्मी काफी आक्रोशित हैं। जिसके चलते प्रदेश सरकार के इन्द्रधनुष कार्यक्रम पर असर पड़ना तय है, कहीं न कहीं इस मामले में बहुत ही बड़े घोटाले का जिन्न छुपा हुआ है।
