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प्रतापगढ़| जन्मदर बढ़ाने और उनकी अच्छी शिक्षा हेतु केंद्र की मोदी सरकार ने "बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ" योजना की शुरुआत की। यह योजना प्रांत के कुल 21 जनपदों में लागू किया गया है। योजना के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट प्रोबेशन ऑफिसर को कन्या भ्रूण हत्या पर रोकथाम और बेटियों के उज्जवल भविष्य के लिए शिक्षा के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी है।
लेकिन फिलवक्त यह योजना प्रतापगढ़ में लागू नहीं हो पाया। बावजूद प्रधानमंत्री की ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में आवेदन हेतु ग्रामीण और शहरी बेटियों के लिए आवेदन फॉर्म धड़ल्ले से बेचीं जा रही है। फॉर्म में 8 से 32 साल तक की सभी बेटियों को 2 लाख रुपये दिये जाने की बात लिखी गयी है। जबकि यह योजना अभी प्रतापगढ़ जनपद में लागू ही नही हुयी है। ग्रामीण क्षेत्रों में तो दलाल ग्राम प्रधान बाकायदा मुहर लगा फॉर्म लेकर सभी के के घर तक पहुँच कर और सौ-सौ रुपये लेकर उसे फॉर्म भरवा रहे हैं। 2 लाख रुपये मिलने की लालच में लोग दलालों को सौ-सौ रुपये बड़ी आसानी से दे रहे हैं। एक को देख कर दुसरे भी फॉर्म भर रहे है की 2 लाख रुपया मिलेगा। हालाकि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में सरकार किसी तरह की नकद सहायता नहीं देती।
सम्बंधित अधिकारियों को जब इस तरह की दलाली की बातों को बताओ तो वे कहते हैं कि जब कोई लिखित में शिकायत लाएगा यब कार्यवाही करेंगे। यही बात जिला प्रोबेशन अधिकारी कह रहे हैं जिनका नाम है परमजीत कौर। मूर्खता की एक हद होती है और जब अधिकारी ही मूर्ख हो तो क्या किया जा सकता है।
