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प्रतापगढ़: दीपावली पर शहर से बाहर खुले में पटाखों की दुकान लगाने का निर्देश शासन और मानक अनुसार नियम है। इसलिए हर वर्ष प्रतापगढ़ में पटाखों की दुकानें रामलीला मैदान में लगाई जाती रही हैं, लेकिन इस वर्ष रामलीला मैदान पर मांस के व्यापारियों ने अपनी दुकान लगा रखी है इसलिए पटाखा व्यापारियों को जगह नही मिल पा रही है।
सुरक्षा के लिहाज से आतिशबाजी के व्यवसायियों को अपनी दुकानें व गोदाम शहर की आबादी से बाहर खुले में बनाने का नियम है। इसीलिए प्रतापगढ़ में दीपावली के अवसर पर सभी पटाखा व्यापारी अपनी दुकानें रामलीला मैदान में लगाते हैं। लेकिन अबकी बार रामलीला मैदान पर माँस की दुकानें लगी हैं और उन्होंने पूरे मैदान पर अतिक्रमण कर रखा है। गन्दगी और मांस से पूरे मैदान पर बदबू फैली पड़ी है, ऐसे में पटाखा व्यापारियों के लिए अपनी दुकानें लगाने के लिए जगह नही मिल रही है। दो दिन बाद दीवाली का त्यौहार है जिसके लिए पटाखा व्यापारी साल भर इंतजार करते हैं। अव्यवस्था को देखते हुए पटाखा व्यापारियों ने जिलाधिकारी सदर को शिकायती पत्र लिख कर मांस की दुकानों का अतिक्रमण हटवाने का अनुरोध किया है। आतिशबाजी के व्यापारियों का आरोप है कि जब उन्होंने मांस विक्रेताओं से बातचीत का प्रयास किया तो वो लोग मारपीट पर उतर आए। खबर लिखी जाने तक उपजिलाधिकारी से इस मामले में कोई बात नही हो पाई है।
सुरक्षा के लिहाज से आतिशबाजी के व्यवसायियों को अपनी दुकानें व गोदाम शहर की आबादी से बाहर खुले में बनाने का नियम है। इसीलिए प्रतापगढ़ में दीपावली के अवसर पर सभी पटाखा व्यापारी अपनी दुकानें रामलीला मैदान में लगाते हैं। लेकिन अबकी बार रामलीला मैदान पर माँस की दुकानें लगी हैं और उन्होंने पूरे मैदान पर अतिक्रमण कर रखा है। गन्दगी और मांस से पूरे मैदान पर बदबू फैली पड़ी है, ऐसे में पटाखा व्यापारियों के लिए अपनी दुकानें लगाने के लिए जगह नही मिल रही है। दो दिन बाद दीवाली का त्यौहार है जिसके लिए पटाखा व्यापारी साल भर इंतजार करते हैं। अव्यवस्था को देखते हुए पटाखा व्यापारियों ने जिलाधिकारी सदर को शिकायती पत्र लिख कर मांस की दुकानों का अतिक्रमण हटवाने का अनुरोध किया है। आतिशबाजी के व्यापारियों का आरोप है कि जब उन्होंने मांस विक्रेताओं से बातचीत का प्रयास किया तो वो लोग मारपीट पर उतर आए। खबर लिखी जाने तक उपजिलाधिकारी से इस मामले में कोई बात नही हो पाई है।
