![]() |
| महेन्द्र नाथ पाण्डेय का जन्मदिन मनाते संगमलाल गुप्ता (सदर विधायक) |
प्रतापगढ़: आज 15 अक्टूबर को प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्रनाथ पाण्डेय का प्रतापगढ़ के कटरा क्षेत्र से गुजरना कोई बड़ी बात नही थी और शायद इतनी चर्चा का विषय भी नही बनता, अगर सदर विधायक संगमलाल गुप्ता ने बिना किसी पूर्व योजना के प्रदेश अध्यक्ष का काफिला रुकवाकर उनका जन्मदिन न मनाया होता। आज महेन्द्रनाथ पांडेय के जन्मदिन पर जब उनका काफिला सदर क्षेत्र के कटरा स्थित विधायक के आवास के सामने से गुजरने की जानकारी हुई तो विधायक संगमलाल गुप्ता ने उनका स्वागत करने की इच्छा जताई और आनन फानन में बकायदा जन्मदिन मनाने की तैयारी हुई और केक भी काटा गया। ये घटना सुनने में जितनी सामान्य लगती है सियासी गलियारों में इसकी चर्चा उतनी ही असामान्य तरीके से हो रही है।
![]() |
| अपना दल एस के राष्ट्रीय सचिव संगमलाल गुप्ता के साथ पार्टी की संरक्षिका |
जैसा कि सभी जानते हैं कि संगमलाल गुप्ता अपना दल एस से विधायक हैं साथ ही पार्टी के राष्ट्रीय सचिव भी, इससे पहले वो भाजपा में सक्रिय रहे हैं और विधानसभा चुनाव से पूर्व 2014 के लोकसभा चुनावों में भी बीजेपी से सीट से टिकट पाने के लिए जुगत में थे, हालांकि तब वो सफल नही हुए और 2017 में भी जब विधानसभा चुनाव में सदर सीट को गठबन्धन पार्टी अपना दल में जाते देखे तो अन्दर से जुगाड़ लगा के 248- सदर सीट से अपना दल के चुनाव निशान पर जीत भी गए। लेकिन पार्टी व स्थानीय जानकारों का मानना है कि अभी भी इनकी निष्ठा और आत्मीयता अपना दल एस से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी और उसके पदाधिकारियों में है। अपना दल से टिकट पाने के पीछे भी वर्तमान दिल्ली प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष व साँसद मनोज तिवारी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ संगमलाल गुप्ता की नजदीकियाँ बताई जाती हैं। अभी दिल्ली नगर निगम चुनाव में भी विधायक द्वारा हफ्ते भर से ज्यादा समय दिल्ली में बिताना प्रतापगढ़ के भाजपाइयों के लिए चिंता का विषय बन गया था।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये सारी साँठ गाँठ आगामी 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर की जा रही है। चूँकि 2014 में अपना दल से टिकट पाए और जीतकर सांसद बने कुँवर हरिवंश सिंह अब अपना दल एस में नही हैं, जिसका बीजेपी के साथ गठबंधन है। तो अभी से कई दिग्गज लोकसभा के लिए अपनी गोटियाँ बिछाने में लगे हुए हैं। जिनमे संगमलाल गुप्ता भी हैं।
वहीं दूसरी तरफ भाजपा के दिग्गज नेता कहे जाने वाले विधायक व सूबे में कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने भी अपनी ढलती उम्र को देखते हुए अपने इकलौते ठेकेदार पुत्र राजीव प्रताप सिंह उर्फ़ नन्दन सिंह को 2017 से ही सक्रिय राजनीति में लेकर आये हैं, तभी से नन्दन सिंह यूथ ब्रिगेड के नाम से पोस्टर व होर्डिंग लगनी शुरू हुई है।
इस समय प्रतापगढ़ के सियासी गलियारों और भाजपा के अंदर भी ये चर्चा आम हो गयी है कि मोती सिंह अपने बेटे और संगमलाल गुप्ता अपने अनुज दिनेश कुमार गुप्ता को राजनीति का पाठ पढ़ा रहे हैं, ताकि 2019 या 2022 के चुनावों में इन्हें भी मैदान में उतारा जा सके।
यही कारण है कि संगम लाल गुप्ता अपना दल एस के राष्ट्रीय सचिव व पार्टी से विधायक होते हुए भी अपनी पार्टी के बदले बीजेपी के नेताओं से कुछ ज्यादा ही मेल मिलाप कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये सारी साँठ गाँठ आगामी 2019 के लोकसभा चुनावों को लेकर की जा रही है। चूँकि 2014 में अपना दल से टिकट पाए और जीतकर सांसद बने कुँवर हरिवंश सिंह अब अपना दल एस में नही हैं, जिसका बीजेपी के साथ गठबंधन है। तो अभी से कई दिग्गज लोकसभा के लिए अपनी गोटियाँ बिछाने में लगे हुए हैं। जिनमे संगमलाल गुप्ता भी हैं।
वहीं दूसरी तरफ भाजपा के दिग्गज नेता कहे जाने वाले विधायक व सूबे में कैबिनेट मंत्री राजेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने भी अपनी ढलती उम्र को देखते हुए अपने इकलौते ठेकेदार पुत्र राजीव प्रताप सिंह उर्फ़ नन्दन सिंह को 2017 से ही सक्रिय राजनीति में लेकर आये हैं, तभी से नन्दन सिंह यूथ ब्रिगेड के नाम से पोस्टर व होर्डिंग लगनी शुरू हुई है।
इस समय प्रतापगढ़ के सियासी गलियारों और भाजपा के अंदर भी ये चर्चा आम हो गयी है कि मोती सिंह अपने बेटे और संगमलाल गुप्ता अपने अनुज दिनेश कुमार गुप्ता को राजनीति का पाठ पढ़ा रहे हैं, ताकि 2019 या 2022 के चुनावों में इन्हें भी मैदान में उतारा जा सके।
यही कारण है कि संगम लाल गुप्ता अपना दल एस के राष्ट्रीय सचिव व पार्टी से विधायक होते हुए भी अपनी पार्टी के बदले बीजेपी के नेताओं से कुछ ज्यादा ही मेल मिलाप कर रहे हैं।
![]() |
| अमित शाह के साथ संगमलाल गुप्ता व मनोज तिवारी |
कंटेंट साभार: रमेश तिवारी


