प्रतापगढ़: हरिप्रताप सिंह की पत्नी प्रेमलता सिंह ने पहली बार नगर पालिका परिषद बेल्हा में महिला अध्यक्ष के रूप में जीत हासिल की। प्रेमलता अपने पति की 20 सालों से कब्जाई हुई कुर्सी बचाने में कामयाब रहीं। पहले राउण्ड से बनी बढ़त लगातार जीत की तरफ बढ़ती गयी। भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह।
भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार प्रेमलता सिंह ने जिले में पहली महिला अध्यक्ष के रूप में कल की मतगणना में जीत हासिल कर अपने पति की कुर्सी और साख दोनो बचाया। हरिप्रताप सिंह इस पद पर लगातार 20 सालों से काबिज हैं। प्रेमलता सिंह ने पहले राउंड की गणना में ही अपनी निकटतम प्रतिद्वंदी समाजवादी पार्टी की गीता मिश्रा से 363 मतों की बढ़त बनाई, जो हर राउंड के बाद बढ़ते हुए छठे राउंड के बाद जीत में बदल गयी। दूसरे चक्र में ये बढ़त 756, तीसरे के बाद ही ये अंतर 1424 हो गया था। तभी सबने मान लिया था कि अब इनका हारना मुश्किल है। लगातार 6राउंड की गणना में बढ़त बनाते हुए प्रेमलता सिंह को 10843 मत मिले। वहीं सपा की गीता मिश्रा 8661 मतों पर ही सिमट गयीं। निर्दल प्रत्याशी महिमा गुप्ता को 5535 वोट मिले, फरहीन बानो को 2223 वोट मिले ये भी निर्दलीय ही चुनाव मैदान में थीं।
प्रतापगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव जिले के साथ ही प्रदेश भर में सुर्खियों में रहा। पहले तो सपा द्वारा महिमा गुप्ता को टिकट दिया जाना और फिर उनसे समर्थन लेकर गीता मिश्रा को समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार घोषित होने। फिर पूर्व सांसद सीएन सिंह द्वारा महिमा गुप्ता के समर्थन में सपा से विद्रोह और पार्टी द्वारा उन्हें 6 साल के लिए प्रतिबंधित किये जाने की खबरों से और फिर बिना दावेदारी के ही प्रेमलता सिंह को भाजपा से टिकट मिलना और पार्टी के कार्यकर्ताओं में रोष। पर अब फिलहाल भाजपा के चुनाव निशान पर लड़कर अपने पति की साख और कुर्सी दोनो बचाने वाली प्रेमलता सिंह उस कुर्सी पर बैठेंगी जिसपर लगातार पिछले 20 सालों से उनके पति हरिप्रताप सिंह बैठते आये हैं।
