यूरिया की किल्लत से परेशान किसानो को जेबे करनी पड़ रही है ढीली - Pratapgarh Samachar

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बुधवार, 10 जनवरी 2018

यूरिया की किल्लत से परेशान किसानो को जेबे करनी पड़ रही है ढीली


लालगंज, प्रतापगढ़| साधन सहकारी समितियों में यूरिया के नही मिलने से किसान भाई खासा परेशान हैं। किसानों को वक्त से खाद न मिलने से बोई हुई फसल की उर्वरकता प्रभावित होने का डर सताने लगा है।

जिले के लालगंज विकास खंड की साधन सहकारी समिति शीतलमऊ, भदारीकला, बैजलपुर , पिचूरा, बेलहा, अमावां व अन्य कई स्थानों में यूरिया उपलब्ध नही है। रबी की फसलों में यूरिया का इस्तेमाल को लेकर कृषक वर्ग इन साधन समितियों के चक्कर काट रहे हैं। वहीँ जब यूरिया वहां नही मिला तो मजबूरन निजी दुकानों से मंहगे कीमत में उन्हें खाद खरीदना पड़ रहा है। समितियों में खाद के अभाव का भरपूर लाभ निजी दुकानों में खाद विक्रेता उठा रहे हैं। यही स्थित लक्ष्मणपुर ब्लाक की साधन सहकारी समिति छेमरसरैया्र सधौर, आशापुर, रेड़ी, लक्ष्मणपुर, अमरौना, सगरासुंदरपुर, डांडी, सरायसंसारा का है। यहाँ भी किसान परेशान है और यूरिया की किल्लत के बरकरार हैं। 



यहां के किसानों में योगधर दुबे, केपी सिंह, जुग्गीलाल, मत्स्येंद्र, पप्पू वर्मा, गंगाशिव शुक्ल, प्रमोद मिश्र, रामराज पांडेय, लालता प्रसाद पांडेय, शिवाकांत तिवारी, रामसुंदर मिश्र, बृजेंद्र तिवारी आदि का कहना है कि उन्हें मजबूर होकर ऊंचे दामों में निजी दुकानदारों से खाद खरीदना पड़ रहा है। फसल में खाद के छिड़काव के लिए नही मिल रहे यूरिया के कारण सांगीपुर ब्लाक अंतर्गत गोपालपुर, सांगीपुर, रेहुआलालगंज, अठेहा, राहाटीकर, ननैया, गदियान, उमरार, राजापुर, आहरबीहर और इसी ब्लाक के बाबा घुइसरनाथ धाम इलाके के कुंभापुर, भोजपुर , पूरेमीतन, असांव आदि गांव के किसान बहुत ही परेशान हैं। रामलौटन कोरी, अनिल गुप्ता, रामचंद्र सिंह, रामेश्वर सिंह, ओम प्रकाश त्रिपाठी, रमेश मौर्य, अनिल सिंह, अवधेश तिवारी, दिनेश सिंह, वासुदेव सिंह, हनुमान शर्मा आदि किसान भाइयो का कहना है कि खाद के अभाव से हमारी फसल बर्बाद हो रही है। वक्त रहते इसमें यदि खाद का छिड़काव नही किया तो फसल की उर्वरकता में कमी होने से फसल ख़राब होने की स्थिति आ सकती है। 

सम्बंधित विभाग का बयान 
समितियों के तहसील इनचार्ज लालगंज राजेंद्र प्रसाद तिवारी से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि खाद के लिए समितियों का चेक जिले पर भेजा गया है, मगर स्टॉक नही होने के वजह अभी आपूर्ति नहीं हो पा रही है। स्टॉक वहां से आते ही जल्द ही खाद समितियों पर पहुंच जाएगी।