सवाल यही उठ रहा है कि जब सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का सम्मान और स्वाभिमान सुरक्षित नहीं तो आम जनता की बात करना ही बेकार है । दो दिन पहले भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में राष्ट्रीय सचिव एवं असम प्रदेश के प्रभारी व योगी सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री डॉ महेंद्र सिंह पी.डब्लू.डी. डाक बंगले में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि जिले में अपराध पर नियंत्रण में प्रतापगढ़ की पुलिस बुरी तरह से फेल है । बातों-बातों में पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम के तबादला तक किये जाने की बात का मंत्री ने ऐलान किया । उनके साथ रानीगंज विधायक धीरज ओझा भी मौजूद रहे । इसके पहले तीनों विधायक और प्रतापगढ़ के सांसद ने सूबे के मुखिया योगी आदित्य नाथ से मिलकर प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक की शिकायत की थी । शिकायत के बाद ऐसा लग रहा था कि अब शगुन गौतम का प्रतापगढ़ से दाना-पाना रूठ गया । नए डी जी पी के सत्तासीन होते ही ये अटकले तेज हो गई थी,परन्तु पुलिस अधीक्षक का तवादला न हो पाने से उनके द्वारा शोषित लोग सहमे हुए हैं । विशेष रूप से सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता । नीचे दिए गए वीडियो में आप भी सुनिए सत्ताधारी पार्टी कार्यकर्ता के साथ घटित घटना का हाल सीधे उसी की जुबान से..
एक समय था सपा का तब पुलिस के पर कटे हुए रहते थे और सपा कार्यकर्ताओं की ही चलती थी और पुलिस मूकदर्शक बनी रहती थी क्यों कि सपा अपने कार्यकर्ताओं का ख्याल रखती थी चाहे जैसे रखना पड़े रखती तो थी ही। लेकिन यह योगी सरकार है और योगी सरकार ने पुलिस वालों पर किसी भी तरीके के दबाव में न रहने की बात कह रखी है। बहुत अच्छी बात है कि पुलिस दबाव में न रहे लेकिन अपराध पर लगाम लगाए, गुंडों पर लगाम लगाए, शराब माफियाओं को पकड़े लेकिन यह कार्य पुलिस से न सपा कार्यकाल में हो पाते थे न भाजपा शासन काल में हो पा रहे हैं। लेकिन यहां बात एक जगह उलट है जहां सपा के कार्यकर्ताओं को देख पुलिस की रूह कांप जाती थी वहीं भाजपा के कार्यकर्ताओं को देख पुलिस का खून खौल जा रहा है। वर्तमान समय में जैसे प्रतापगढ़ में खुद वर्तमान पुलिस अधीक्षक व उनकी पुलिस ने भाजपा के कार्यकर्ताओं व कुछ पदाधिकारियों को प्रताड़ित किया है उसे देख यही लगा रहा है कि कोई सुधार नहीं होने वाला है । खुद पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम पर आरोप है कि वह गाली गलौच और मारने पीटने पर उतर आते हैं और अपने पद का दुरुपयोग करते हुए किसी भी सम्मानित व्यक्ति की इज्ज़त से खेलते हैं और यह आरोप हम नहीं भाजपाइयों ने लगाया है क्यों कि भाजपाई प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम के अशोभनीय गाली गलौच पूर्ण उत्पीड़न से अपनी ही सरकार में घुटन महसूस कर रहे हैं। क्यों कि इसके पूर्व भी प्रतापगढ़ में भाजपा कार्यालय में घुसकर पुलिस द्वारा जिला विस्तारक की पिटाई की गयी थी और उसके बाद भी भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न पुलिस अधीक्षक व उनकी पुलिस द्वारा किया जा रहा है।
प्रतापगढ़ के भाजपा कार्यकर्ताओं के मन में लगातार अपनी ही सरकार में पुलिस द्वारा सार्वजनिक रूप से टारगेट कर किये जा रहे अपने उत्पीड़न से अपनी ही पार्टी के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है। जबकि लोकसभा चुनाव की तैयारी के लिए पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पार्टी कार्यकर्ताओं के बल पर पुनः सत्ता प्राप्त करने का दंभ भर रही है ।
क्या पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ पुलिसिया उत्पीड़न से पार्टी कार्यकर्ताओं के मन में असंतोष नहीं पैदा होगा ?
सवाल यही उठ रहा है कि जब सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का सम्मान और स्वाभिमान सुरक्षित नहीं तो आम जनता की बात करना ही बेकार है । दो दिन पहले भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में राष्ट्रीय सचिव एवं असम प्रदेश के प्रभारी व योगी सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री डॉ महेंद्र सिंह पी.डब्लू.डी. डाक बंगले में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि जिले में अपराध पर नियंत्रण में प्रतापगढ़ की पुलिस बुरी तरह से फेल है । बातों-बातों में पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम के तबादला तक किये जाने की बात का मंत्री ने ऐलान किया । उनके साथ रानीगंज विधायक धीरज ओझा भी मौजूद रहे । इसके पहले तीनों विधायक और प्रतापगढ़ के सांसद ने सूबे के मुखिया योगी आदित्य नाथ से मिलकर प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक की शिकायत की थी । शिकायत के बाद ऐसा लग रहा था कि अब शगुन गौतम का प्रतापगढ़ से दाना-पाना रूठ गया । नए डी जी पी के सत्तासीन होते ही ये अटकले तेज हो गई थी,परन्तु पुलिस अधीक्षक का तवादला न हो पाने से उनके द्वारा शोषित लोग सहमे हुए हैं । विशेष रूप से सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता । नीचे दिए गए वीडियो में आप भी सुनिए सत्ताधारी पार्टी कार्यकर्ता के साथ घटित घटना का हाल सीधे उसी की जुबान से..
सवाल यही उठ रहा है कि जब सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं का सम्मान और स्वाभिमान सुरक्षित नहीं तो आम जनता की बात करना ही बेकार है । दो दिन पहले भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में राष्ट्रीय सचिव एवं असम प्रदेश के प्रभारी व योगी सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री डॉ महेंद्र सिंह पी.डब्लू.डी. डाक बंगले में सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया कि जिले में अपराध पर नियंत्रण में प्रतापगढ़ की पुलिस बुरी तरह से फेल है । बातों-बातों में पुलिस अधीक्षक शगुन गौतम के तबादला तक किये जाने की बात का मंत्री ने ऐलान किया । उनके साथ रानीगंज विधायक धीरज ओझा भी मौजूद रहे । इसके पहले तीनों विधायक और प्रतापगढ़ के सांसद ने सूबे के मुखिया योगी आदित्य नाथ से मिलकर प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक की शिकायत की थी । शिकायत के बाद ऐसा लग रहा था कि अब शगुन गौतम का प्रतापगढ़ से दाना-पाना रूठ गया । नए डी जी पी के सत्तासीन होते ही ये अटकले तेज हो गई थी,परन्तु पुलिस अधीक्षक का तवादला न हो पाने से उनके द्वारा शोषित लोग सहमे हुए हैं । विशेष रूप से सत्ताधारी दल के कार्यकर्ता । नीचे दिए गए वीडियो में आप भी सुनिए सत्ताधारी पार्टी कार्यकर्ता के साथ घटित घटना का हाल सीधे उसी की जुबान से..
