प्रदेश के ग्राम विकास, समग्र ग्राम विकास एवं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य (एम0ओ0एस0) के मंत्री डॉ0 महेन्द्र सिंह ने आज निरीक्षण भवन, लो0नि0वि0, प्रतापगढ़ में विकास कार्यो से सम्बन्धित अधिकारियों के साथ बैठक की। मंत्री जी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी परियोजना निदेशक डी0आर0डी0ए0 से ली तो उन्होने बताया कि जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 8028 मकान बनाये गये है, इस पर मंत्री जी ने खण्ड विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन पात्रों के प्रधानमंत्री आवास बनाये जा चुके है उन सबकी जांच की कार्यवाही की जाये। उन्होने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ गरीब लाभार्थियों को मिलना चाहिये और इसमे किसी भी प्रकार की लापरवाही न की जाये। उन्होने परियोजना निदेशक से यह भी जानकारी ली कि अभी तक किस ग्राम पंचायत अधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच की है और उस पर क्या कार्यवाही की गयी है तो परियोजना निदेशक ने बताया कि अभी तक किसी भी ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा इसकी जांच नही की गयी, इस पर मंत्री जी ने निर्देशित किया कि एक सप्ताह के अन्दर इसकी जांच कर ली जाये और रिपोर्ट भेजी जाये। बैठक में मंत्री ने मुख्य विकास अधिकारी एवं परियोजना निदेशक को निर्देशित किया कि जो ग्राम पंचायत अधिकारी प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच रिपोर्ट नही दे रहे है उनको चिन्हित कर लिया जाये और सीधे निलम्बन अथवा सेवा समाप्ति की कार्यवाही के लिये आख्या शासन को भेजी जाये।
मंत्री जी ने मनरेगा के अन्तर्गत आने वाले तालाबो के कार्यो के सम्बन्ध में जानकारी ली तो बताया गया कि अभी तक 256 तालाबों का निर्माण कराया गया है जिनमें से कुछ तालाबों का मरम्मत भी कराया एवं कुछ तालाबों में पानी भराया गया है। जल निगम की समीक्षा में मंत्री जी ने अधिशासी अभियन्ता जल निगम से हैण्डपम्प के सम्बन्ध में जानकारी ली तो बताया गया कि 100 हैण्डपम्प का सत्यापन कराकर इसकी रिर्पोट भेज दी गयी है। मंत्री जी ने पेयजल के सम्बन्ध में अधिशासी अभियन्ता से पूछा तो बताया गया कि 26 पेयजल योजनाओं है जिसमें में मार्च 2018 तक 8 पेयजल योजना को पूरा करना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में मंत्री जी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कहा कि यहां के अस्पताल के मरीजों का खाना खाने लायक नही रहता है जिससे मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी को मंत्री जी निर्देशित किया कि समूह की महिलाओं का खाना बनाने में लगाया जाये जिससे मरीजों को स्वच्छ और अच्छा भोजन मिल सके। मंत्री जी ने अस्पतालों की सही ढंग से साफ-सफाई एवं व्यवस्था के लिये निर्देशित किये कि इस कार्य को उचित ढंग से पूरा कराया जाये अन्यथा विपरीत परिस्थितियों के लिये सम्बन्धित चिकित्सा विभाग के अधिकारी जिम्मेदार होगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव, परियोजना निदेशक डी0आर0डी0ए0 अरविन्द कुमार सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव, चिकित्सा विभाग के अपर शोध अधिकारी आर0पी0 चौधरी सहित सम्बन्धित विभाग के अधिकारी एवं सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
