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प्रतापगढ़| प्रतापगढ़ जिले का एक ऐसा गाँव, जहां गाँव के सभी घरो में दरवाजा नहीं होते है। इस गाँव के लोगो का मानना है कि यदि उनके घर में दरवाजा लगवाया गया तो कोई न कोई दुर्घटना अथवा अनहोनी निश्चित है। इस अजीबोगरीब गाँव में लोगो को चोरी-डकैती का भी कोई डर नही है और ना ही घरों की सुरक्षा चिंता का विषय है। इस गाँव के लोग बताते है कि, आजतक गांव में कोई भी चोरी-डकैती की वारदात नही हुई है। ग्रामीणों का विश्वास है कि नागदेवता उनके घरों की रक्षा करते हैं।
नागिन के अभिशाप से जुड़ा है ये राज
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यह पूरा मामला दरअसल प्रतापगढ़ जिले के सूड़ेमऊ गांव की है। इस गाँव में कई दशक से एक प्रथा चली आ रही है, वह यह कि महारष्ट्र के शनि सिग्नापुर की भांति इस गांव के घरो में दरवाजा नहीं है। ग्रामीणों का मानना है कि ये गांव सौ वर्ष से अधिक समय से एक श्राप से कुपित है, जिसके कारण इस गाँव के लोग अपने घरों में दरवाजा नहीं लगाते है।
दरवाजे से दबकर हुआ था नागिन की मौत
सूड़ेमऊ गांव के ही रहने वाले संजय के के अनुसार "यह प्रथा उनके पुरखो के समय चली आ रही है। मैंने अपने पूर्वजों से एक बात सुनी थी कि काफी वर्ष पूर्व गांव के घर में एक नागिन दरवाजे के बीच दबकर मर गई थी। तब उस नागिन ने श्राप दिया था कि जो भी अपने घर में दरवाजे लगाएगा वो बर्बाद हो जाएगा। तब से लेकर अब तक यह गाँव उस नागिन के अभिशाप से प्रभावित है। इस लिए इस गाँव के लोग घरों में दरवाजें नही लगाते।

