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सांसद प्रमोद तिवारी का क्षेत्र होने के चलते यह बेहद प्रतिष्ठापूर्ण चुनाव था। किसी अप्रिय घटना की आशंका को भांपते हुए पुलिस प्रशासन ने यहां पहले ही कई थानों की पुलिस फ़ोर्स तैनात कर रखा था। सबेरे 11 बजे से मतदान आरम्भ हुआ। वोटिंग ख़त्म होने तक 60 बीडीसी सदस्यों में से कुल 56 ने वोट किया। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार व पूर्व प्रमुख रमेश प्रताप सिंह ने शिकायत की कि उनके चार बीडीसी को जबरन नही आने दिया गया। जिलाधिकारी शम्भू कुमार से शिकायत के बाद पुलिस ने उनकी खोज भी की, मगर वे नहीं मिले। ऐसे में 56 वोटों की गणना चालू हुई। जिसे लेकर बहुत समय तक हंगामा जारी रहा। वोटिंग की गणना में पांच मत अवैध पड़े ऐसे भी मामले सामने आये। कांग्रेस द्वारा समर्थित सुरेंद्र सिंह को 27 और बीजेपी द्वारा समर्थित रमेश सिंह को 24 मत मिले। वहीं तीसरे प्रत्याशी जितेंद्र सिंह को एक भी वोट नही मिले।
पूरे वैध मतों 51 के आधार पर गणना की और उसके लगभग आधे से एक ज्यादा वोट पाने के नाते कांग्रेस द्वारा समर्थन प्राप्त सुरेंद्र सिंह की जीत घोषित करते हुए, उन्हें प्रमाणपपत्र प्रदान किया गया। भाजपा की हार देखते हुए BJP समर्थकों का आक्रोश बढ़ गया और उन्होंने सांसद तिवारी के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी चालू कर दी। वहीं, से कांग्रेस के समर्थकों ने भी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ ही देर में दोनों के बीच पत्थर चलने लगे। हालांकि मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल दोनों पक्षों को दौड़ा-दौड़ा कर हालात को शांत किया जा सकता।
लालगंज ब्लॉक प्रमुखी में सुरेंद्र सिंह उर्फ ददन के विजयी होने के पश्चात जनता को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि आज की जीत गुंडों पर अहिंसा की जीत है। गुंडों को अहिंसा से भी हराया जा सकता है। शपथ समारोह भव्य तरीके से सम्पन्न कराया जाएगा। वहीं रामपुर खास विधायक आराधना मिश्रा ने इस जीत को जनता व कार्यकर्ताओं की जीत बताया और कहा कि यह जीत न ददन की है न मेरी है न ही मेरे पिता की है। उन्होंने कहा कि इस जीत में शामिल सभी बीडीसी सदस्यों को प्रमुख की तरह सम्मान दिया जाएगा।
अंत में विजयी जुलूस के साथ सभी बाबा घुइसरनाथ धाम पहुंचे जहाँ बाबा श्री घुश्मेश्वरनाथ जी के श्री चरणों मे विजय प्रमाण पत्र रख कर प्रमोद तिवारी, आराधना मिश्रा व सुरेंद्र सिंह "ददन" ने जलाभिषेक किया।





