प्रतापगढ़ में सांसद निधि से 13 करोड़ 47 लाख रुपये का घोटाला, होगी जांच - Pratapgarh Samachar

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शुक्रवार, 20 अप्रैल 2018

प्रतापगढ़ में सांसद निधि से 13 करोड़ 47 लाख रुपये का घोटाला, होगी जांच



प्रतापगढ़ जिले में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। इतना बड़ा घोटाला एक विकास में पिछड़े जिले में वाकई अंधेर नगरी है प्रतापगढ़। यह मामला उजागर हुआ है वर्तमान डीएम की कार्यकुशलता से नहीं तो सांसद निधि से कितने का घोटाला कर लिया जाता पता ही न चल पाता, लेकिन अब जांच के नाम पर कब किसको कैसे क्लीनचिट मिल जाए यह देखने लायक बात होगी।
     जिलाधिकारी शम्भु कुमार की अध्यक्षता में आज कैम्प कार्यालय के सभागार में जल निगम विभाग की समीक्षा की गयी। समीक्षा में परियोजना निदेशक डीआरडीए द्वारा बताया गया कि जल निगम को किस्तों में 13 करोड़ 47 लाख रूपये अवमुक्त किये जा चुके है। अवमुक्त धनराशि के व्यय के सम्बन्ध में अधिशाषी अभियन्ता जल निगम ओमवीर सिंह से जानकारी ली गयी तो उक्त धनराशि किस मद में खर्च की गयी है तो वह उसके सम्बन्ध में सन्तोषजनक उत्तर न दे पाये और न ही कोई रिकार्ड ही प्रस्तुत कर सके। उन्होने बताया कि यह उक्त धनराशि पूर्व अधिशाषी अभियन्ता के समय अवमुक्त की गयी थी। जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशाषी अभियन्ता जल निगम को कहा कि इसकी बिन्दुवार जांच की जाये एवं परियोजनाओं से सम्बन्धित ठेकेदार के बयान लिये जाये और दोष सिद्ध होने पर सम्बन्धित अधिकारी एवं ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही की जाये।

     बैठक में जिलाधिकारी ने जिला महिला चिकित्सालय के बगल बन रहे 100 बेड के अस्पताल की प्रगति के सम्बन्ध में अवर अभियन्ता आवास विकास परिषद से जानकारी ली तो उनके द्वारा बताया गया कि 02 माह के भीतर उक्त अस्पताल को विभाग को सुपुर्द कर दिया जायेगा जिस पर जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन अस्पताल की प्रगति की जांच के लिये एक टीम के गठन करने का निर्देश जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी को दिया जो सप्ताहवार इस अस्पताल के निर्माण की प्रगति से अवगत करायेगे। इसके अलावा जिलाधिकारी ने बैठक में लोक निर्माण विभाग एवं सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं की बिन्दुवार समीक्षा की और जनपद में कार्यदायी सस्थाओं को निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव, अर्थ एवं संख्याधिकारी जितेन्द्र कुमार, परियोजना निदेशक अरविन्द सिंह सहित सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।