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ग्राम स्वराज अभियान के तहत बेल्हा से चौपाल और रात्रि निवास की शुरुआत करने वाले योगी आदित्यनाथ का आना सुन बाजारों में राजनैतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है। हर आदमी के जबान पर यही है कि जहाँ तक हमें याद है कि आज तक किसी मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाकर जनता की समस्याओं को नहीं सुना है। अपने प्रतापगढ़ जिले में पहली बार कोई मुख्यमंत्री गांव में चौपाल लगाकर जनता की शिकायतें सुनने आ रहा है। यह बहुत अच्छी बात है। ईश्वर करे कि हर मुख्यमंत्री प्रतापगढ़ को एक विशेष महत्व दे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पट्टी विधानसभा के मंगरौरा विकास खण्ड के कंधई मधुपुर गांव में कार्यक्रम दिन का नहीं अपितु शाम का कार्यक्रम रखा गया है। यहीं इसी गांव में ही शाम सात बजे से आयोजित चौपाल में लोगों की शिकायतें सुनी जायेंगी। ऐसा नही है कि अधिकारी सुनेंगे समस्या सीधे मुख्यमंत्री आम जनता की समस्याओं को सुनेंगे और उनके दिल की बात जानने का भी प्रयास करेंगे। चौपाल के कार्यक्रम के बाद एक दलित के घर भोजन और पिछड़ी जाति के घर रुकने का कार्यक्रम है। लेकिन इन सबके पहले प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर जिले के मुख्य और जिम्मेदार अधिकारियों के साथ जिले में हुए विकास कार्यों की समीक्षा बैठक भी करेंगे।
अपने प्रतापगढ़ - बेल्हा के अब तक के इतिहास में पहली बार यह है जब कोई मुख्यमंत्री पहली बार जनता की आवाज चौपाल लगा कर सुनेगा। इसके पहले 18 फरवरी 2004 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने संडवा चंद्रिका विकास खण्ड में एक अंबेडकर गांव जोगीपुर का निरीक्षण करने आयी थी। लेकिन वह रुकी नहीं वह विकास कार्य देखने के वापस लौट गई थी। प्रतापगढ़ जिले में पूर्व मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी, कल्याण सिंह, मुलायम सिंह यादव, अखिलेश सिंह यादव कई बार आये लेकिन मगर जनसभाओं को संबोधित करने के अलावा इन मुख्यमंत्रियों ने कभी भी जनता दरबार नहीं लगाया।
फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का आधिकारिक विवरण अभी तक जिले में नहीं आया है, लेकिन जो तय हुआ है यह यही है कि शाम साढ़े चार बजे तक प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उतरेगा। प्रतापगढ़ मुख्यालय पहुंचते ही योगी आदित्यनाथ जिले के जिम्मेदार अफसरों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। उसके बाद उनका काफिला उक्त मधुपुर गाँव मे पहुंचेगा। जहाँ उनका विधिवत स्वागत किया जाएगा। इसके बाद शाम लगभग 7 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय मधुपुर में चौपाल लगाकर आम जनता की फरियाद सुनेंगे। मुख्यमंत्री तब तक जनता की आवाज सुनते रहेंगे, जब तक लोग शिकायत करना बंद नहीं कर देते। इसके लिए भी जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। यही वजह है कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बना देना चाहता है। इसके लिये हर तरह की कमी पर परदा डाला जा रहा है यानी पूरी तरह से कमियों को दूर किया जा रहा है।
फिर जनसमूह की जनसमस्याओं को।सुनने के बाद भाजपा पदाधिकारियों के साथ उक्त दलित जिसे चुना गया है उसके घर मे भोजन करेंगे। भोजन का समय आधिकारिक रूप से निर्धारित नहीं है। फिर वह कुछ भाजपाई नेताओं से मिलेंगे और तय ओबीसी जाति के व्यक्ति के घर मे रात्रि विश्राम करेंगे। सुबह होते ही लखनऊ के लिए निकलने का कार्यक्रम रहेगा। अब इसे भाजपा या सरकार का प्रोपेगैंडा समझ लें या सामाजिक सुधार की दिशा में किया गया एक प्रयास कह लें।
बी.डी.एस. एजूकेशनल एकेडमी के बगल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर उतरेगा इसके लिए देरशाम तक हेलिकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड का निर्माण होता रहा।
फिलहाल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का आधिकारिक विवरण अभी तक जिले में नहीं आया है, लेकिन जो तय हुआ है यह यही है कि शाम साढ़े चार बजे तक प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री का हेलीकाप्टर उतरेगा। प्रतापगढ़ मुख्यालय पहुंचते ही योगी आदित्यनाथ जिले के जिम्मेदार अफसरों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में भाग लेंगे। उसके बाद उनका काफिला उक्त मधुपुर गाँव मे पहुंचेगा। जहाँ उनका विधिवत स्वागत किया जाएगा। इसके बाद शाम लगभग 7 बजे पूर्व माध्यमिक विद्यालय मधुपुर में चौपाल लगाकर आम जनता की फरियाद सुनेंगे। मुख्यमंत्री तब तक जनता की आवाज सुनते रहेंगे, जब तक लोग शिकायत करना बंद नहीं कर देते। इसके लिए भी जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। यही वजह है कि जिला प्रशासन मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल बना देना चाहता है। इसके लिये हर तरह की कमी पर परदा डाला जा रहा है यानी पूरी तरह से कमियों को दूर किया जा रहा है।
फिर जनसमूह की जनसमस्याओं को।सुनने के बाद भाजपा पदाधिकारियों के साथ उक्त दलित जिसे चुना गया है उसके घर मे भोजन करेंगे। भोजन का समय आधिकारिक रूप से निर्धारित नहीं है। फिर वह कुछ भाजपाई नेताओं से मिलेंगे और तय ओबीसी जाति के व्यक्ति के घर मे रात्रि विश्राम करेंगे। सुबह होते ही लखनऊ के लिए निकलने का कार्यक्रम रहेगा। अब इसे भाजपा या सरकार का प्रोपेगैंडा समझ लें या सामाजिक सुधार की दिशा में किया गया एक प्रयास कह लें।
बी.डी.एस. एजूकेशनल एकेडमी के बगल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर उतरेगा इसके लिए देरशाम तक हेलिकॉप्टर उतरने के लिए हेलीपैड का निर्माण होता रहा।
