पूरे प्रतापगढ़ में एटीएम में न नगदी है न ही बैंक में है। लोग जो जमा करते हैं उसी को बांट दिया जाता है। लोग परेशान हैं कुछ इलाहाबाद शहर जा रहे हैं नगदी लाने के लिए। बैंक अधिकारी भले कहते रहें की बस कैश आने वाला है लेकिन कैश आता नहीं, न एटीएम में न बैंक में। यदि थोड़ा बहुत इक्की दुक्की जगह आता भी है तो उसका कोई असर नहीं पड़ता है। कैश की किल्लत खत्म ही नहीं हो रही है।
सहालग का समय नजदीक होने के कारण लोग दबा कर पैसा निकाल रहे थे अब जब शादी विवाह एक दम खोपड़ी पर है तो हफ्तेभर से एटीएम खाली हैं यहां तक की बैंक में भी कैश नहीं मिल रहा है।
हालात इतने बुरे हो चुके हैं कि केवल प्रतापगढ़ शहर के कुछ एटीएम में कैश उपलब्ध रहा। वह भी लंबी लाइन के साथ और जल्द ही उस एटीएम का पैसा खत्म हो जा रहा है। जिन्हें 1000 की जरूरत है वह भी 10000 निकाल के रख ले रहे हैं। क्यों कि उनको लगता है कि पता नहीं अगली बार निकल पायेगा या नहीं।
10 दिन से कैश का संकट है। जब इसकी शुरूआत हुई तो बैंक अधिकारी दावा किये की बस दो-चार दिन में समस्या दूर हो जाएगी।लेकिन आज 10 दिन होने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। आम जनता त्रस्त है और मोदी को गरियाते हुए कह रही है "लै लेहा अबकी ओट न देब अबकी तुहुका बहुत परेशान कय देहा पान साल मा"।
बड़ी नोटों की ज्यादा कमी है दो हजार व पांच सौ के नोट ऐसा लग रहा है लोग छुपा के बैठ गए हैं। अब काला सच क्या है यह जल्द ही पूरे भारत मे पता चल जाएगा।
प्रतापगढ़ के वह लोग जो गर्मी की छुट्टी में या किसी कार्यवश बाहर यानी मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर से आये हुए हैं वह नगदी के लिए परेशान हैं। कोई इलाहाबाद जा रहा है तो कोई लखनऊ... मजबूरी में लोग हज़ारों केवल एटीएम से पैसा पाने के लिए खर्च कर रहे हैं। शनिवार को प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय स्थित लगभग सभी बैंक के एटीएम सन्न थे। कचहरी के बगल स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम , एसबीआई मुख्य शाखा प्रतापगढ़ का एटीएम , अंबेडकर चौराहा स्थित आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम कैश उगल रहा था। अन्य दर्जन से अधिक एटीएम कैश न होने से सन्न और बेकार थे। वहीं प्रतापगढ़ शहर के इन 3 एटीएम के अलांवा प्रतापगढ़ ग्रामीण में 2 से 3 एटीएम को छोड़ कहीं भी एटीएम नहीं चल रहा था। न लालगंज आझारा, न कुंडा, न मांधाता,न जेठवारा, न डेरवा, न कालाकांकर, न ननौती, न पट्टी, न जामताली, न विश्वनाथगंज, न मानिकपुर। प्रतापगढ़ के ग्रामीण इलाकों में 2 से 4 जगह छोड़ हर जगह एटीएम सन्न खड़े थे। नगदी न होने से भटक रहे राहगीरों बहुत ज़्यादा झेलना पड़ रहा था।
एएन सिंह, एलडीएम का कहना था कि एटीएम व बैंक से कैश 2 दिन में मिलने लगेगा।
फिलहाल कुछ भी हो कैश की किल्लत ने लोगों को दुःखी कर दिया है।
बड़ी नोटों की ज्यादा कमी है दो हजार व पांच सौ के नोट ऐसा लग रहा है लोग छुपा के बैठ गए हैं। अब काला सच क्या है यह जल्द ही पूरे भारत मे पता चल जाएगा।
प्रतापगढ़ के वह लोग जो गर्मी की छुट्टी में या किसी कार्यवश बाहर यानी मुंबई, दिल्ली और बैंगलोर से आये हुए हैं वह नगदी के लिए परेशान हैं। कोई इलाहाबाद जा रहा है तो कोई लखनऊ... मजबूरी में लोग हज़ारों केवल एटीएम से पैसा पाने के लिए खर्च कर रहे हैं। शनिवार को प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय स्थित लगभग सभी बैंक के एटीएम सन्न थे। कचहरी के बगल स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम , एसबीआई मुख्य शाखा प्रतापगढ़ का एटीएम , अंबेडकर चौराहा स्थित आईसीआईसीआई बैंक का एटीएम कैश उगल रहा था। अन्य दर्जन से अधिक एटीएम कैश न होने से सन्न और बेकार थे। वहीं प्रतापगढ़ शहर के इन 3 एटीएम के अलांवा प्रतापगढ़ ग्रामीण में 2 से 3 एटीएम को छोड़ कहीं भी एटीएम नहीं चल रहा था। न लालगंज आझारा, न कुंडा, न मांधाता,न जेठवारा, न डेरवा, न कालाकांकर, न ननौती, न पट्टी, न जामताली, न विश्वनाथगंज, न मानिकपुर। प्रतापगढ़ के ग्रामीण इलाकों में 2 से 4 जगह छोड़ हर जगह एटीएम सन्न खड़े थे। नगदी न होने से भटक रहे राहगीरों बहुत ज़्यादा झेलना पड़ रहा था।
एएन सिंह, एलडीएम का कहना था कि एटीएम व बैंक से कैश 2 दिन में मिलने लगेगा।
फिलहाल कुछ भी हो कैश की किल्लत ने लोगों को दुःखी कर दिया है।
