वैकल्पिक विवाद समाधान एवं मध्यस्थता विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतापगढ़ द्वारा सदर तहसील के सभागार में आयोजित किया गया। शिविर में मधु डोगरा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि समाज में बढ़ते विवादों के शीघ्र समाधान हेतु विवादों के वैकल्पिक मंच को अपनाये जाने की सामयिक आवश्यकता है क्योंकि अदालतों पर वादों का बोझ बढ़ता जा रहा है। इसके लाभो के बारे में चर्चा करते हुये बताया कि पक्षकारों की सहमति के दिव्पक्षीय वार्ता के माध्यम से विवाद का समाधान कराया जाता है, जिससे समय और धन की बचत होती है। समझौते का व्यापक कानूनी प्रभाव होता है तथा अंतहीन मुकदमेबाजी से मुक्ति मिल जाती है साथ ही पक्षकारो के मध्य पारस्परिक सौहार्द भी कायम होता है। मुकदमा कायम करने से पूर्व प्री लिटिगेशन के द्वारा एवं मुकदमा दायर होने के बाद लोक अदालतों के द्वारा सभी प्रकार के वादों को निपटाये जाने के बारे में बताया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के क्रियाकलापों से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता विधिक जानकारियों के प्रचार प्रसार के बारे में बताया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि लोगों के विवाद को सुलह समझौते द्वारा लोग अदालत एवं मध्यस्थता के माध्यम से निपटाए जाने के बारे में बताया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि मध्यस्थता एक वैकल्पिक प्रक्रिया है जो कम खर्चीली कम समय में पूरी होती है और भारत में यह प्राचीन काल से चली आ रही है मध्यस्थता प्रक्रिया में पक्षकार स्वयं अपनी समस्या का निदान अपनी स्वेच्छा से बिना किसी दबाव या प्रलोभन के आपसी बातचीत के द्वारा मध्यस्थता के सक्रिय सहयोग से ढूंढ़ लेने का प्रयास करते है। मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया गोपनीय बनी रहती है। शिविर में पीएलबी निरंजन प्रकाश तिवारी द्वारा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के विषय में लोगों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन पीएलबी राम प्रकाश पाण्डेय ने एवं आभार नायब तहसीलदार सदर अब्दुल हई ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर अधिवक्तागण द्वारा भी अपने विचार रखे गये। विधिक साक्षरता कार्यक्रम में दिये गये विचारों से स्थानीय लोग लाभान्वित हुये और उनके द्वारा पुनः ऐसे कार्यक्रमों को आयोजित करने की अपेक्षा की गई। इस अवसर पर विनोद कुमार मिश्रा, अखिलेश कुमार विश्वकर्मा, योगेश तिवारी, विवेक, धीरेन्द्र कुमार, राम मिलन, प्रदीप आदि उपस्थित रहे।
वैकल्पिक विवाद समाधान एवं मध्यस्थता विषय पर विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन जनपद न्यायाधीश अशोक कुमार के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रतापगढ़ द्वारा सदर तहसील के सभागार में आयोजित किया गया। शिविर में मधु डोगरा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि समाज में बढ़ते विवादों के शीघ्र समाधान हेतु विवादों के वैकल्पिक मंच को अपनाये जाने की सामयिक आवश्यकता है क्योंकि अदालतों पर वादों का बोझ बढ़ता जा रहा है। इसके लाभो के बारे में चर्चा करते हुये बताया कि पक्षकारों की सहमति के दिव्पक्षीय वार्ता के माध्यम से विवाद का समाधान कराया जाता है, जिससे समय और धन की बचत होती है। समझौते का व्यापक कानूनी प्रभाव होता है तथा अंतहीन मुकदमेबाजी से मुक्ति मिल जाती है साथ ही पक्षकारो के मध्य पारस्परिक सौहार्द भी कायम होता है। मुकदमा कायम करने से पूर्व प्री लिटिगेशन के द्वारा एवं मुकदमा दायर होने के बाद लोक अदालतों के द्वारा सभी प्रकार के वादों को निपटाये जाने के बारे में बताया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के क्रियाकलापों से पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता विधिक जानकारियों के प्रचार प्रसार के बारे में बताया गया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर सत्य प्रकाश सिंह ने कहा कि लोगों के विवाद को सुलह समझौते द्वारा लोग अदालत एवं मध्यस्थता के माध्यम से निपटाए जाने के बारे में बताया। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी ने कहा कि मध्यस्थता एक वैकल्पिक प्रक्रिया है जो कम खर्चीली कम समय में पूरी होती है और भारत में यह प्राचीन काल से चली आ रही है मध्यस्थता प्रक्रिया में पक्षकार स्वयं अपनी समस्या का निदान अपनी स्वेच्छा से बिना किसी दबाव या प्रलोभन के आपसी बातचीत के द्वारा मध्यस्थता के सक्रिय सहयोग से ढूंढ़ लेने का प्रयास करते है। मध्यस्थता की पूरी प्रक्रिया गोपनीय बनी रहती है। शिविर में पीएलबी निरंजन प्रकाश तिवारी द्वारा राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के विषय में लोगों को जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन पीएलबी राम प्रकाश पाण्डेय ने एवं आभार नायब तहसीलदार सदर अब्दुल हई ने ज्ञापित किया। इस अवसर पर अधिवक्तागण द्वारा भी अपने विचार रखे गये। विधिक साक्षरता कार्यक्रम में दिये गये विचारों से स्थानीय लोग लाभान्वित हुये और उनके द्वारा पुनः ऐसे कार्यक्रमों को आयोजित करने की अपेक्षा की गई। इस अवसर पर विनोद कुमार मिश्रा, अखिलेश कुमार विश्वकर्मा, योगेश तिवारी, विवेक, धीरेन्द्र कुमार, राम मिलन, प्रदीप आदि उपस्थित रहे।

