भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व इस बार राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त के साथ मनाया जायेगा।
भाई-बहन के अटूट रिश्ते के प्रतीक इस त्योहार में प्रेम के धागे की अपनी ही खासियत है। इस पतले से धागे में बहना का अटूट प्रेम और भइया का जीवन भर रक्षा का संकल्प समाहित होता है। वैसे तो इस त्योहार की कई मान्यताएं हैं लेकिन अगर वैदिक रीति से बात करें तो इस प्रेम के धागे की शुभता और बढ़ाई जा सकती है। यह शुभता भइया के जीवन में ऊर्जा का संचार कर प्रेम को बढ़ाती है। विद्वानों की माने तो अगर राखी का चयन राशि के अनुसार किया जाए तो उसके भविष्य में शुभ परिणाम मिल सकते हैं।
इस बार के रक्षाबंधन की खास बात यह भी रहेगी कि तिरंगे की रंग की राखियों की मांग बढ़ सकती है और रक्षाबंधन में भी राष्ट्रीयता का रंग देखने को मिलेगा। पूरे प्रतापगढ़ जिले के हर चौराहे पर अलग ही माहौल होगा एक तरफ स्कूलों के बच्चों की प्रभातफेरी एक तरफ राखी व मिठाइयों की सजी हुई दूकानें। माओं और बहनों के लिए रोडवेज की बसें किराया मुक्त रहेंगी। इस त्यौहार जाम लगने की सम्भावना बहुत ही ज्यादा है। क्योंकि 15 अगस्त और रक्षा बंधन एक ही दिन है 15 अगस्त पर प्रभातफेरी और झांकी की भी निकलती है इसलिये प्रतापगढ़ के प्रमुख बाजारों में जाम लगने की पूर्ण सभावना है। इसलिए माँ और बहन बेटियों से आग्रह है मूहुर्त के लिये ज्यादा समय लेकर निकलें।
रक्षाबंधन के पंचांग और शुभ मुहूर्त को देखें तो रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है। दोपहर में राहुकाल को छोड़कर पूरे दिन का समय अच्छा माना जाएगा। बहने शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर बहने राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना करेंगी।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त :
पूर्वांचली के अनुसार पूर्णिमा तिथि 14 अगस्त, बुधवार को दिन में 2:47 बजे से शुरू होगी जो 15 अगस्त की शाम 4:23 बजे तक रहेगी। राहुकाल दिन में 1:30 बजे से दोपहर 3 बजे है। इसलिए राहुकाल के समय को छोड़कर शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन बांधना मंगलकारी रहेगा।
भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन का पर्व इस बार राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त के साथ मनाया जायेगा।
भाई-बहन के अटूट रिश्ते के प्रतीक इस त्योहार में प्रेम के धागे की अपनी ही खासियत है। इस पतले से धागे में बहना का अटूट प्रेम और भइया का जीवन भर रक्षा का संकल्प समाहित होता है। वैसे तो इस त्योहार की कई मान्यताएं हैं लेकिन अगर वैदिक रीति से बात करें तो इस प्रेम के धागे की शुभता और बढ़ाई जा सकती है। यह शुभता भइया के जीवन में ऊर्जा का संचार कर प्रेम को बढ़ाती है। विद्वानों की माने तो अगर राखी का चयन राशि के अनुसार किया जाए तो उसके भविष्य में शुभ परिणाम मिल सकते हैं।
इस बार के रक्षाबंधन की खास बात यह भी रहेगी कि तिरंगे की रंग की राखियों की मांग बढ़ सकती है और रक्षाबंधन में भी राष्ट्रीयता का रंग देखने को मिलेगा। पूरे प्रतापगढ़ जिले के हर चौराहे पर अलग ही माहौल होगा एक तरफ स्कूलों के बच्चों की प्रभातफेरी एक तरफ राखी व मिठाइयों की सजी हुई दूकानें। माओं और बहनों के लिए रोडवेज की बसें किराया मुक्त रहेंगी। इस त्यौहार जाम लगने की सम्भावना बहुत ही ज्यादा है। क्योंकि 15 अगस्त और रक्षा बंधन एक ही दिन है 15 अगस्त पर प्रभातफेरी और झांकी की भी निकलती है इसलिये प्रतापगढ़ के प्रमुख बाजारों में जाम लगने की पूर्ण सभावना है। इसलिए माँ और बहन बेटियों से आग्रह है मूहुर्त के लिये ज्यादा समय लेकर निकलें।
रक्षाबंधन के पंचांग और शुभ मुहूर्त को देखें तो रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है। दोपहर में राहुकाल को छोड़कर पूरे दिन का समय अच्छा माना जाएगा। बहने शुभ मुहूर्त में भाइयों की कलाई पर बहने राखी बांधकर लंबी उम्र की कामना करेंगी।
रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त :
पूर्वांचली के अनुसार पूर्णिमा तिथि 14 अगस्त, बुधवार को दिन में 2:47 बजे से शुरू होगी जो 15 अगस्त की शाम 4:23 बजे तक रहेगी। राहुकाल दिन में 1:30 बजे से दोपहर 3 बजे है। इसलिए राहुकाल के समय को छोड़कर शुभ मुहूर्त में रक्षाबंधन बांधना मंगलकारी रहेगा।