प्रतापगढ़ सदर में लड़ाई में कांग्रेस और अपना दल, कांग्रेस के नीरज भाजपा समर्थित उम्मीदवार को दे रहे हैं कड़ी टक्कर - Pratapgarh Samachar

Breaking

सोमवार, 21 अक्टूबर 2019

प्रतापगढ़ सदर में लड़ाई में कांग्रेस और अपना दल, कांग्रेस के नीरज भाजपा समर्थित उम्मीदवार को दे रहे हैं कड़ी टक्कर

आज 248- प्रतापगढ़ सदर विधान सभा चुनाव में लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार लोगों से बातों से लग रहा है। कांग्रेस को नहीं बल्कि कांग्रेस के उम्मीदवार डॉ. नीरज त्रिपाठी को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कई लोगों से बात करने पर पता चला कि वो भाजपा को पसंद करते हैं लेकिन इस बार उनका वोट नीरज को जाएगा। ऐसा भी नहीं है कि भाजपा वाले नीरज को वोट दे रहे हैं। कई भाजपाई विशुद्ध भाजपाई हैं उन्हें उम्मीदवार नहीं पार्टी से मतलब है तो वो पार्टी को ही वोट देंगे। यानी वो अपना दल को ही वोट देंगे। क्यों कि प्रतापगढ़ सदर की सीट भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल के खाते में आई है। जहाँ तक सपा और बसपा की बात की जाय दोनों पार्टियों के बारे में कोई ज्यादा लालायित नहीं दिख रहा है। पटेल वोटों का ध्रुवीकरण भी उतने अच्छे से नहीं होता दिख रहा है। जबकि यादव सपा के साथ उतने अच्छे मन से नहीं है यही हाल बसपा के सिपाहियों का है। इस विधानसभा में शहरी क्षेत्र में नीरज त्रिपाठी का दबदबा देखने को मिल रहा है। जबकि गांवों में जहाँ कभी 5000 वोट भी कांग्रेस को नहीं मिलता था वहाँ कांग्रेस टक्कर में है जबकि ब्राह्मण प्रत्याशी होने की वजह से ब्राह्मण मतदाताओं की पहली पसंद नीरज त्रिपाठी दिख रहे हैं। मुसलमानों व कांग्रेस के परंपरागत वोट भी नीरज को मिल रहे हैं। वर्तमान में भाजपा सरकार से नाराज लोग भी निकटम ज्यादा विजयी होने की संभावित स्थिति नीरज में ही देख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर अपना दल के राजकुमार पाल को अन्य जातियों व कट्टर भाजपाई ब्राम्हण, ठाकुर समुदाय का वोट प्राप्त होता दिख रहा है। राजकुमार पाल भाजपा खेमे के नेता हैं इसीलिए भाजपाई नेताओं ने पूरा जोर लगा रखा है। फिलहाल कड़ी टक्कर नीरज और राजकुमार में ही देखने को मिल रही है। बड़े दिनों बाद कांग्रेस का कोई प्रत्याशी सदर में सीधी टक्कर प्रतिद्वंद्वी पार्टियों को दे रहा है। ओवैसी वाली पार्टी AIAIM के उम्मीदवार हैं, 248-प्रतापगढ़ के इसरार। इनकी मुसलमानों में अच्छी पकड़ है क्यों की मुसलमानों को भाजपा पसंद नहीं है और काँग्रेस और AIAIM में मुसलमान बटें हुए हैं। जिसका सीधा फायदा भाजपा को जाता हुआ दिख रहा है। पटेल समुदाय अपना दल - भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा में बंटा हुआ है क्यों कि अपना दल पटेल समुदाय के सोनेलाल पटेल की बेटी अनुप्रिया पटेल की पार्टी है और सपा बसपा के उम्मीदवार पटेल हैं। वहीं कांग्रेस के राम सिंह पटेल जो पूर्व पट्टी विधायक रहे हैं उन्होंने प्रचार - प्रसार में बड़ी मेहनत की है और प्रतापगढ़ से बड़ा चेहरा होने के कारण काफी वोट पटेल वर्ग का भी नीरज को मिल रहा है। इन सब के तथ्यों को देखते हुए आज मतदातों से बात करने के बाद यह बात स्पष्ट है कि असली लड़ाई नीरज और राजकुमार के बीच ही है।