प्रतापगढ़, इलाहाबाद से पहुंची एस.टी.एफ. टीम ने शनिवार दोपहर लालगंज कोतवाली के अंर्तगत आने वाले घरौरा में बेखौफ और शातिर बदमाश को मुठभेड़ के दौरान घेराबंदी कर पकड़ लिया लेकिन चर्चा जिस घटना की हुई वह ये थी कि कुछ देर बाद एस.टी.एफ. की टीम ने लीलापुर चौकी के सामने एक चाय की दुकान पर बैठे प्रधान पति को उठा लिया यह प्रधान खरगपुर ग्रामसभा का था। बवाल अब मचना शुरू हुआ हुआ यूं कि दिनदहाड़े प्रधानपति को गिरफ्तार करनर की वजह से भ्रम की स्थिति बनी और लोगों लगा कि प्रधानपति का अपहरण जो गया है।तगड़ा हल्ला मचा तो उत्तेजित ग्रामीणों ने पूरी चौकी घेर ली। आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ के कारण हाईवे पर जाम के हालात पैदा हो गए।इधर सूचना कोतवाली लालगंज को मिली मौके पर लालगंज कोतवाल ने सभी को समझा बुझाकर शांत कराया। इस घटना की वजह से इलाके में तरह-तरह की चर्चांए होती रहीं।
शनिवार को सर्विलांस के माध्यम से अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने की फिराक में बैठे शातिर बदमाशों की सूचना मिलने पर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए इलाहाबाद एसटीएफ के इंस्पेक्टर श्रीनिवास यादव की अगुवाई में टीम लालगंज कोतवाली क्षेत्र में पहुंची। टीम के लोगों ने लोनी नदी के करीब घरौरा गांव के शातिर बदमाश बबलू को गिरफ्तार करने के लिए डेरा डाल दिया। वह दिखा तो टीम के लोगों ने उसे गिरफ्तार करने के लिए दौड़ा लिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो भाग रहे शातिर बदमाश ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। टीम के लोगों ने भी जवाबी फायरिंग की। हालांकि पुलिस की घेराबंदी में बबलू फंस गया। उसे गिरफ्तार करने के बाद टीम के लोग लीलापुर पुलिस चौकी पहुंचे। चौकी के सामने गुड्डू मिश्रा की चाय की दुकान पर खरगपुर के प्रधानपति शशिकांत मिश्र उर्फ भोले बैठे थे। उनके साथ गांव के लोग भी थे। तभी एसटीएफ की टीम पहुंची और तीन सिपाही उतरकर प्रधानपति को चार पहिया वाहन में बैठा लिए। प्रधानपति को वाहन में बैठा लिया । कुछ देर में प्रधानपति का मोबाइल बंद हो गया। थोड़ी ही देर में हल्ला मच गया कि प्रधानपति भोले का अपहरण हो गया है। देखते ही देखते भारी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने चौकी घेर लिया। वे अपहरण की आशंका जताते हुए कार्रवाई की मांग करने लगे। ग्रामीणों की भीड़ के कारण लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर जाम लगने लगा । ग्रामीणों को उग्र होता देख चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को मामले से अवगत कराया। कुछ देर बाद लालगंज कोतवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना की बाबत आला अधिकारियों से बात की। इसके बाद प्रधानपति को लेकर ग्रामीणों से बातचीत की। तब जाकर ग्रामीण शांत कराया । एसटीएफ के इंस्पेक्टर श्रीनिवास यादव ने बताया कि प्रधानपति समेत कुछ लोगों को पूछताछ के लिए ले जाया गया हैं।
