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मुख्यमंत्री योगी अदित्याथ की सरकार ने प्रतापगढ़ जनपद के 92,256 समाजवादी पेंशन धारकों को बड़ा झटका मिला है। प्रदेश की पूर्व समाजवादी पार्टी की सरकार में इन लाभार्थियों को समाजवादी पेंशन के अंतर्गत मिलने वाले 500-500 रुपये अब नहीं मिलने वाले। मुख्यमंत्री योगी ने अब इस योजना को पूर्णतः बंद कर दिया है।
सपा सरकार ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में रेवड़ी की भांतिअपात्रों को समाजवादी पेंशन योजना बाँटी थी, जिस पर योगी ने ब्रेक लगा दिया है। भूतपूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा समाजवादी पार्टी शासन में शुरू हुई पेंशन स्कीम में व्यापक तौर पर अपात्रों को पेंशन बांट दी गई थी। विधानसभा इलेक्शन निकट आते ही पूर्व सरकार ने 14 हजार पेंशन के लाभार्थियों की संख्या बढ़ा दी थी। इससे पेंशन धारकों की जो संख्या पूर्व में 78,145 थी, वो बढ़कर 92,256 हो गई थी। पेशन धारकों में ज्यादातर ऐसे लोग थे, जो ग्राम प्रधान और समाजवादी पार्टी नेताओं के करीबी थे। प्रदेश में सत्ता बदलते ही शासन ने पहले जांच के नाम पर लाभार्थियों को गुमराह किया औत अब उस योजना पर ही ब्रेक लगा दिया। जनपद भर में वेरिफिकेशन का अभियान चलाया गया, जिसमें काफी संख्या में मिले आपात्रों को स्कीम से बाहर करने का निर्णय लिया गया। अफसर अभी सूची तैयार करने में लगे ही थे, कि राजनीती के गलियारे से इस पेंशन योजना का नाम चेंज करने की चर्चा भी गरमाई। लेकिन इसके लिए फ़िलहाल कोई ऑर्डर नही आया था। वर्तमान वित्तीय वर्ष हेतु प्रस्तुत हुए बजट में सपा पेंशन योजना को एक कौड़ी भी नहीं दी गई है। इस स्कीम के बजट उपलब्द न होने के बावजूद भी अफसर यह बताने तो तैयार नहीं है, कि समाजवादी पेंशन योजनाको अवरोधित कर दिया गया है, बल्कि बैंक अकाउंट में पेंशन नहीं पहुंचने की कंप्लेन करने के लिए पहुंचने वाले लोगो को प्रतीक्षा करने का दिलासा दिया जा रहा है। फिलवक्त व्यक्तिगत शादी अनुदान योजना के बाद पेंशन योजना ठप्प होने से ग्रामीण परिवेश में यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।
