![]() |
वीडियो साभार साइबर सिपाही
सबके सामने ये कहने वाले थानाध्यक्ष की भूमिका इसी बात से साबित हो जाती है कि सबके सामने ऐसा बोलने के बाद दिन में न खुला होने वाला रजिस्ट्रेशन कार्यालय रात में कब और कैसे खुल गया व वेरिफिकेशन भी हो गया और दोषमुक्त पाकर रिहा भी कर दिए गए। हर कोई समझ सकता है कि रात में कौन सा कार्यालय खुला होगा, कौन सी जाँच हुई होगी।
![]() |
| सैकड़ों की संख्या में लोगों को बरगलाया जाता है |
यहाँ आने वाले लोग बताते हैं कि यहां आने के बाद हमें हाथ मे कलावा, चन्दन-टीका, घर में हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीर, उनकी पूजा, फूल अगरबत्ती चढ़ाना, मंदिर जाना, व्रत रखना आदि सभी हिन्दू धर्म की रीतियों को करने से मना कर दिया जाता है, यहाँ तक कि नवरात्रि में दुर्गापूजा करने और पण्डालों में जाकर देखने व प्रसाद खाने तक से मना किया गया है, कहा गया है कि अगर ऐसा कुछ भी किया तो यीशु नाराज हो जायेंगे।
इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी किसी प्रशासनिक अधिकारी ने कोई खबर नही लिया है और नेताओं को तो वैसे भी वोट माँगने के अलावा कभी जनता की याद नही आती। इसके खिलाफ आवाज समाजिक संगठन साइबर सिपाही के कुछ लोगों ने उठाई हैं।

