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पिछले वर्ष की सपा सरकार में जो हुआ वही भाजपा सरकार में भी हो रहा है। कुंडा में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह को व उनके अन्य सहयोगी लोगों को एक बार फिर भदरी किले में नजरबंद कर लिया गया है।
कुंडा कोतवाली क्षेत्र के अंर्तगत शेखपुर गांव में मोहर्रम पर निकलने वाले जुलूस के रास्ते में हुनमान मंदिर पर आयोजित किया जाने वाला भंडारा रोकने के लिए प्रतापगढ़ प्रशासन ने यह कार्यवाही की है। डी एम शम्भू कुमार ने भंडारे को नहीं करने को कहा था क्यों कि दो दिन पहले प्रशासन ने बकायदे अधिकारियों के साथ मीटिंग कर भंडारा रोकने का आदेश दे दिया था। फिर भी भदरी नरेश मानने को तैयार नहीं थे और तो और विश्व हिंदू परिषद भी भंडारे कराने के लिए इस मामले में कूद गया था और भंडारे की तैयारी चल रही थी।
शेखपुर आशिक गांव में मोहर्रम की दसवीं पर एक लंगूर बंदर को मार डालने के बाद राजा भैया के पिता राजा उदय प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक हनुमान मंदिर का निर्माण किया गया। इसके बाद से वहां मोहर्रम की दसवीं पर ही हनुमान चालीसा का पाठ और भंडारा आयोजित होने लगा। इस बार हाईकोर्ट ने मोहर्रम के जुलूस के रास्ते में भंडारा आयोजित करने पर रोक लगाई तो एसडीएम कुंडा ने इसकी नोटिस आयोजकों को भेज दी। इसके बाद भी भंडारा आयोजन के लिए लोग सक्रिय दिखे तो एसडीएम ने राजा भैया के पिता और उनके पांच साथियों को मोहर्रम की दसवीं पर भंडारा स्थल पहुंचने से रोकने के लिए घर में ही नजरबंद कर दिया। कल शाम सात बजे तक उन्हें नजरबंद करने का पूरा प्रयास किया गया है।
शेखपुर क्षेत्र में भंडारा आयोजन स्थल हनुमान मंदिर पर भी भारी फोर्स और पी.ए.सी. की तैनाती की गई है। हालांकि
भदरी नरेश राजा उदय प्रताप सिंह द्वारा भंडारे की तैयारी चरम पर है। कल का दिन या तो शांति भरा होगा या भंडारा होगा।
