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| रंग बिरंगी छंटा, मन को आकर्षित कर रही थी |
जिस ओर भी देखो डीजे के साथ बल्बों एवं झालरों की चकाचौंध के नजारे शहर में प्रवेश करते ही थोड़ा अंदर जाने के बाद देखने को मिल जा रहे थे। पूरे प्रतापगढ़ शहर में ऐसा माहौल था कि जैसे स्वर्ग यहीं प्रतापगढ़ में उतर आया हो। लोगों का हुजूम देख ऐसा लग रहा था कि कोई अन्तराष्ट्रीय मेला है।
भरत मिलाप के मद्देनजर रात में सड़कों पर स्वयंसेवियों ने सुरक्षा का ज़िम्मा भी सम्हाल रखा था। हालांकि पुलिसकर्मियों ने भी अपना सहयोग दिया। राम दल, भरत दल, हनुमान दल , लवकुश दल, नृत्य दल की झांकियां देखने लायक थी।
आगे के प्रतापगढ़ से संबंधित समाचार में हम यह बताएंगे कि भरत मिलाप कैसे हुआ और प्रतापगढ़ भरत मिलाप का बहुत बड़ा इतिहास क्या है और इसपर अभी तक जो विवाद हुए हैं वो क्या हैं।















