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| दमकल से आग बुझाते कर्मचारी |
प्रतापगढ़: देश में जहाँ खेतों में घास फूस और फसलों के अवशेष जलाने पर भी कानूनी रोक लगी हुई है, वहीं नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों द्वारा जलाए गए कूड़े ने महुली मंडी में इतना भीषण रूप ले लिया कि उसकी जद में आकर पूरी ट्रक जलकर राख हो गयी।
नगर कोतवाली में नवीन मंडी महुली में सफाई कर्मचारियों की लापरवाही और कानून की धज्जियाँ उड़ाने की आदत चलते मंडी के अन्दर बनी सड़क के किनारे कूड़े का ढेर लग गया था। जिसे खत्म करने के लिए उसमें आग लगा दी गयी, सूखे कूड़े के ढेर में लगी आग ने थोड़ी ही देर में भयानक रूप ले लिया और मंडी में सामान पहुंचाकर खाली हुए एक ट्रक को भी अपनी जद में ले लिया, जो कूड़े के पास में ही खाली जगह देखकर ड्राइवर द्वारा खड़ा किया गया था। ड्राइवर ने माल खाली करने के बाद ट्रक साइड लगाकर चाय नाश्ते और आगे के भाड़े के जुगाड़ में इधर उधर हो गया। आग ने जब विकराल रूप लिया और ट्रक में आग लग गयी तो लोगों ने शोर मचाया, लेकिन आग की विकरालता देख ट्रक बचाने की भी हिम्मत न हुई। आग की भयानकता का अंदाज इसी बात से ही लगाया जा सकता है कि दमकल की काफी मशक्कत के बाद ही बुझाई जा सकी।
देश में स्वच्छता अभियान चलाकर गली गली में सफाई पर जोर दिया जा रहा है और यहाँ घर का कूड़ा सड़क पर रख दिया जाता है। हैरानी होती है कि डोर टु डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली योजना नगर पालिका परिषद बेल्हा में करोड़ों के खर्चे से लागू की गई वो क्या कर रही है। प्रत्येक माह बीसों लाख रुपये नगरपालिका में मात्र सफाई के लिए खर्चा किया जाता है, लेकिन उन पैसों पर काम कितना होता उसे हर गली के चौराहे पर कूड़े के ढेर में देखा जा सकता है।
हैरानी वाली बात ये है कि नवीन मंडी के अंदर सड़क किनारे ये कूड़ा एकत्र क्यों किया गया था ? उसमें आग क्यों लगाई गई ? कूड़े के ढेर में आग न लगाने के लिए NGT और सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या प्रतापगढ़ नगर पालिका के कर्मचारियों के लिए नही है या ये लोग उनसे भी ऊपर हैं ? सफाई का मुआयना करने वाले अधिकारी और पार्षद क्या करते हैं ?
