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प्रतापगढ़ : अभी तक बिजली आने पर आश्रित रहने वाला बेल्हा का विकास भवन अब प्रतिदिन विद्युत विभाग को 25 किलोवाट बिजली बेचेगा। विकास भवन में लगने वाले सौर ऊर्जा के 220 पैनलों से मिलने वाली 70 किलोवाट बिजली से 45 किलोवाट की खपत विकास भवन में होगी और शेष बिजली विद्युत विभाग को बेच दी जाएगी।
विकास भवन में प्रतिमाह लगभग सवा लाख रुपये का बिजली बिल और जनरेटर के तेल के रूप में लगभग एक लाख रुपये के करीब खर्च आता है। दो लाख रुपये के इस खर्च को बचाने के लिए वैकल्पिक विद्युत विभाग के सहयोग से 220 सोलर पैनल विकास भवन में लगाया जा रहा है। विकास भवन के छत पर लगने वाले पैनल से प्रतिदिन लगभग 70 किलोवाट बिजली मिलेगी। इसमें से 45 किलोवाट बिजली विकास भवन के विभिन्न कार्यालयों में इस्तेमाल होगी और 25 किलोवाट बिजली विद्युत विभाग को बेची जाएगी।
तकरीबन 40.39 लाख रुपये की लागत से लगने वाले सोलर संयंत्र में इनवर्टर लगा होगा, जो ग्रिड से सीधे जुड़ा होगा।
विकास भवन में छुट्टी के दिनों में बनने वाली बिजली विद्युत विभाग को पूरी 70 किलोवाट बिजली बेची जाएगी। बताया जा रहा है कि 220 सोलर पैनल की उम्र 25 वर्ष होगी। सोलर पैनल लगाने वाली कंपनी पांच साल तक पैनलों के खराब होने पर नया पैनल लगाने की जिम्मेदारी ली है। बृहस्पतिवार को ट्रकों से पैनल विकास भवन में आ गए हैं। अगले सप्ताह पैनल को विकास भवन में लगाने की तैयारी की जा रही है । मुख्य विकास अधिकारी राजकमल यादव ने बताया कि सौर ऊर्जा संयंत्र लगने से बिजली का बिल और जनरेटर पर होने वाले खर्च की बचत होगी। और विद्युत विभाग को 25 किलोवाट बिजली बेचकर सोलर पैनल का खर्च भी निकल आएगा ।