
जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने जिला महिला चिकित्सालय में मिशन इन्द्रधनुष के अन्तर्गत बच्चो को ड्राप पिलाकर अभियान का शुभारम्भ किये। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान में 0 से 2 वर्ष तक के जिले के सभी बच्चो का वृहद अभियान चलाकर टीकाकरण से आच्छादित किया जायेगा। यह अभियान 08 जनवरी से प्रारम्भ होकर 18 जनवरी 2018 तक सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान कार्यक्रम चलाने का निर्णय भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार द्वारा लिया गया है। सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान के अन्तर्गत राष्ट्रीय टीकाकरण में प्रयुक्त होने वाले सभी वैक्सीन से नये व छूटे हुये सभी बच्चों को प्रतिरक्षित किया जायेगा जिससे बच्चे को विभिन्न जानलेवा बीमारियों जैसे पोलियो, टी0वी0, हेपेटाइटिस, गलाघोटू, टिकनेस, खसरा एवं जापानी बुखार से बचाया जा सके तथा इन बीमारियों के पश्चात् होने कुपोषण से बचा जा सके। उन्होने कहा कि सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान को सफल बनाने के लिये उपस्थित लोगों से अपील किया कि इस अभियान में 0 से 2 वर्ष तक के सभी बच्चों को आच्छादित करेगें, नये एवं टीकाकरण से छूटे बच्चो पर विशेष फोकस रहेगा जिससे टीकाकरण से कोई वंचित न रह जाये।
उद्घाटन के उपरान्त जिलाधिकारी द्वारा जे0एस0वाई0 कार्यक्रम का निरीक्षण किये। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि गुलफूज पत्नी ऐनुर ग्राम कठार उपकेन्द्र सेतापुर विकास खण्ड सदर प्रतापगढ़ के एम0सी0पी0 कार्ड का अवलोकन किया जिसमें गुलफूज दिनांक 15.07.2017 तथा 19.09.2017 को प्रथम और द्वितीय जांच हेतु ए0एन0एम0 के समक्ष उपस्थित हुई जिसमें प्रसूता का समस्त विवरण खाता एम0सी0टी0एस0 नम्बर एच0आर0पी0 की स्थित एवं निर्धारित चार जांचों के बदले के 02 जांच का अंकन तथा बिना पूर्व तैयारी के प्रसूता को प्रसव हेतु महिला अस्पताल में भर्ती होने तक सम्बन्धित आशा एवं ए0एन0एम0 द्वारा शिथिलता बरती गयी। कार्ड के साथ संलग्न काउन्टर पार्ट जो कि ए0एन0एम0 के पास होना चाहिये था वह भी कार्ड के साथ संलग्न तथा रिक्त था जिसमें प्रविष्टि नही की गयी थी। मौके पर उपस्थित राजशेखर डी0पी0एम0 द्वारा धनराजी देवी ए0एन0एम0 सेतापुर उपकेन्द्र से मोबाईल पर वार्ता की गयी वार्ता के उपरान्त भी सन्तोषजनक उत्तर नही मिला। इसी तरह श्रीमती नीलम पत्नी उदय सिंह निवासी सरायनाहरराय विकास खण्ड लक्ष्मणपुर के कार्ड का अवलोकन किया गया। जिसमे प्रसूता को 06.01.2018 को पुत्री पैदा हुई थी लेकिन कार्ड पर खाता नम्बर, आधार, एम0सी0टी0एस0 नम्बर नही थे। ए0एन0एम0 ने तीसरी और चौथी जांच नही की। प्रसूता रक्तचाप की मरीज होने के बावजूद भी केन्द्र पर नही लायी जा सकी। यह स्थिति अत्यन्त ही खेदजनक है। चिकित्सालय के प्रसव रजिस्टर के अवलोकन में पाया गया कि उसमें काफी सूचनायें तथा एम0एस0टी0एस0 नम्बर का अंकन, जातिवर्ग, एल0एम0पी0, प्रसव का पूर्ण विवरण, एन0वी0सी0पी0, स्तनपान टीकाकरण की स्थिति का अंकन नही किया गया था। उक्त के अतिरिक्त जननी सुरक्षा भुगतान रजिस्टर में पाया गया कि उक्त योजना में लाभार्थी का विवरण तथा लाभ किसे दिया गया जो किन्हीं कारणो से लाभ से वंचित है को पाना पूर्णता कठिन है। इस सम्बन्ध में मौके पर उपस्थित चीफ फार्मासिस्ट रामानन्द कनौजिया से पूछताछ करने पर उनके द्वारा कोई सन्तोषजनक उत्तर नही दिया गया। जननी सुरक्षा योजना के कुल लाभार्थियों के भुगतान के सम्बन्ध में पूछताछ करने पर डी0पी0एम0 द्वारा अवगत कराया गया कि अभी तक 89 प्रतिशत लाभार्थियों का भुगतान हो चुका है शेष 11 प्रतिशत का भुगतान जल्द ही कर दिया जायेगा। भुगतान के सम्बन्ध में कोई पारदर्शी तरीका नही अपनाया गया यह स्थिति अत्यन्त आपत्तिजनक है। उक्त प्रकरण की समीक्षा करके उत्तरदायी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही हेतु आख्या के साथ जिलाधिकारी के शिविर कार्यालय में दिनांक 13.01.2018 को शाम 4.30 बजे मुख्य चिकित्साधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक महिला, सम्बन्धित प्रभारी चिकित्साधिकारी, डी0पी0एम0, ए0एन0एम0, बी0पी0एम0, बी0सी0पी0एम0 एवं एम0सी0टी0एस0 आपरेटर के साथ उपस्थित हो।
