मेरी सहेली योजनान्तर्गत सेनेटरी नैपकिन वितरण डा0 स्निग्धा रश्मि के द्वारा किया - Pratapgarh Samachar

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सोमवार, 15 जनवरी 2018

मेरी सहेली योजनान्तर्गत सेनेटरी नैपकिन वितरण डा0 स्निग्धा रश्मि के द्वारा किया



कुपोषण मुक्त ग्राम एवं मेरी सहेली योजनान्तर्गत सेनेटरी नैपकिन का वितरण आज जिलाधिकारी के गोद लिये ग्राम बड़नपुर में डा0 स्निग्धा रश्मि (एम0डी0 इंटरनल मेडिसिन) अध्यक्षा आकांक्षा समिति प्रतापगढ़ द्वारा शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर डा0 स्निग्धा रश्मि ने वहां पर उपस्थित सभी लोगों को बताया कि जहां पर नारी की पूजा होती है देवता वही वास करते है। उन्होने बताया कि महिलाओं और किशोरियों को उनका सम्मान एवं अधिकार मिलना चाहिये। मेरी सहेली योजना इसी दिशा में एक बहुत ही अच्छा कदम है। उन्होने कहा कि नारी सृष्टि का सृजन करती है, पूरी सृष्टि की सूत्रधार है, मनुष्य को आकार नारी ही देती है, कभी पत्नी बनकर, कभी माँ बनकर, कभी बहन बनकर एवं परिवार को बहुत ही प्यार एवं ममता से सीचती है। उन्होने कहा कि माँ, बहन एवं पत्नी बगैर घर अधूरा होता है और जब उसी माँ, बहन एवं पत्नी के स्वास्थ्य की बात आती है तो हम पीछे क्यों रह जाते है, पूरा समाज क्यों पीछे हो जाता है। उन्होने बताया कि मेरी सहेली योजना जिला प्रशासन द्वारा जिलाधिकारी महोदय के मार्गदर्शन में बहुत ही अच्छी योजना की शुरूआत की गयी है। मेरी सहेली योजनान्तर्गत किशोरियो एवं महिलाओ को बहुत ही कम लागत पर सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया जायेगा। उन्होने बताया कि माहवारी के दौरान सेनेटरी नैपकिन का महिलाये एवं किशोरियॉ इसका उपयोग करें क्योंकि स्वास्थ्य के लिये यह सबसे जरूरी है। उन्होने आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा, ए0एन0एम0 से अनुरोध किया कि वह घर-घर जाकर मेरी सहेली योजना का प्रचार प्रसार करें एवं महिलाओं एवं किशोरियों को इससे होने वाले लाभ के बारे में अवगत कराये। इस अवसर पर डा0 स्निग्धा ने वहां पर उपस्थित किशोरियों को सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी शम्भु कुमार ने वहां पर उपस्थित सभी आगन्तुकों, महिलाओं, किशोरियों का स्वागत करते हुये कहा कि सरकार ने कुपोषण मुक्त ग्राम योजना चलायी है जिसमें गांव के जो कुपोषित बच्चे होते है उनको चिन्हित करके उनके स्वास्थ्य एवं पोषण का विशेष ध्यान रखकर उन्हें कुपोषण से मुक्त करने का प्रयास किया जाता है। स्वच्छ भारत मिशन योजना के अन्तर्गत 12000/- रू0 की सहायता राशि देकर व्यक्तिगत शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होने बताया कि बीमारी का सबसे अच्छा ईलाज उसकी रोकथाम है अगर हम रोकथाम करें तो बीमारी हो ही नही दवा की जरूरत ही नही। रोकथाम करने के लिये सबसे जो महत्वपूर्ण कार्य करने की आवश्यकता है वह है स्वच्छता। हम लोगों ने सामुदायिक स्वच्छता में अच्छा कार्य कर लिया है हर घर में शौचालय है किसी को बाहर शौच करने की आवश्यकता नही। बाहर में शौच करने से कई बीमारियों फैलती है बच्चो को डायरिया, टाइफाइड होता है जिससे बच्चों की जान चली जाती है। उन्होने स्वच्छता के विषय में बताया कि खाना बनाने से पहले हाथ धो ले, खाना खाने के पहले हाथ धो ले, खाना खाने से सम्बन्धित जो भी कार्य किया जा रहा है वह हाथ धोने से होना चाहिये यह हमारी आदत का हिस्सा होना चाहिये क्योंकि कीटाणु हाथ में लगे रहते है और खाने से पहले यदि उसको धोया न जाये तो सीधे पेट में जायेगे और बीमारी फैलायेगे। उन्होने मेरी सहेली योजनान्तर्गत वहां पर उपस्थित महिलाओ एवं किशोरियों को स्वच्छता की दृष्टि से सेनेटरी नैपकिन का उपयोग करने के लिये कहा। 
इस अवसर पर मेरी सहेली योजना की रूपरेखा बताते हुये सन्तोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस योजना के प्रथम चरण में राज्य पोषण मिशन अन्तर्गत चयनित जनपद के 100 ग्रामों में इस योजना आज जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा शुभारम्भ किया गया है। जिसमें प्रथम माह में निःशुल्क, द्वितीय माह में 5 रू0 की दर से एवं तीसरे माह में 10 रू0 की दर से और चौथे माह में पूर्ण मूल्य पर यानि 20 रू0 में इसका वितरण किया जायेगा। माह अप्रैल 2018 से मेरी सहेली योजनान्तर्गत जनपद के 1255 ग्राम पंचायतों चलाया जायेगा। स्वच्छता के प्रति वहां पर उपस्थित महिलाओं एवं किशोरियों को जागरूक किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर पंकज वर्मा, बाल विकास परियोजना अधिकारी नवीन चन्द्र यादव, प्रभारी चिकित्साधिकारी सुखपालनगर डा0 मनोज कुमार कनौजिया उपस्थित रहे।
इस योजना के अन्तर्गत आज 100 ग्रामों के गोद लिये अधिकारियों ने अपने-अपने ग्रामो में 30-30 महिलाओं एवं किशोरियों को चिन्हित करके कुल 3000 सेनेटरी नैपकिन का वितरण आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा एवं ए0एन0एम0 के माध्यम से किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी सन्तोष कुमार श्रीवास्तव ने अपने द्वारा गोद लिये ग्राम पूरेभैया विकास खण्ड सदर में भी सेनेटरी नैपकिन का वितरण किया।