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अभी हाल में ही हुए राज्यसभा चुनाव के कारण राजा भैया और अखिलेश यादव के बीच मतभेदों ने जन्म लिया जिसका कारण यह था कि राजा भैया अपना राज्यसभा के लिए वोट देने के बाद सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने पहुंच गए थे। यह बात अखिलेश यादव और मायावती को हजम नहीं हुई और मायावती के कहने पर अखिलेश यादव ने दशकों पुराने संबंध पर संदेह व्यक्त किया। जिसकी वजह से आम जन में संदेश गया कि राजा भैया शायद भाजपा के करीब हो गए हैं और वह अपने जिले प्रतापगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ मंच साझा करने पहुँच सकते हैं। लेकिन ऐसा हुआ ही नहीं।
मधुपुर में बी.डी.एस.के. एजूकेशनल इंस्टीट्यूट के एक बड़े मैदान में सोमवार की शाम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रात्रि चौपाल का इंतजार पूरे प्रतापगढ़ के लोगों को बड़ी बेसब्री से इंतजार था। प्रतापगढ़ मुख्यालय के सभी सरकारी कार्यक्रमों से निपटने के बाद मुख्यमंत्री अपने तय कार्यक्रम में लगभग सवा घंटे लेट कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
चौपाल का मंच सजा भीड़ बहुत उत्साहित थी और यह सब देखते ही बन रहा था। हर व्यक्ति के जुबान पर योगी का ही नाम था। लेकिन चौपाल के मंच पर शाम जैसे-जैसे रात में बदलने लगी वैसे ही अचानक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गयी। उस समय मंच पर कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, जिले की प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह, सांसद कुंवर हरिवंश सिंह, कौशांबी सांसद विनोद सोनकर, विधायक धीरज ओझा, सदर विधायक संगमलाल गुप्ता, पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह आदि लोग योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा कर रहे थे। लेकिन वहां उपस्थित लोगों का कहना था कि मंच पर योगी के साथ सिर्फ कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ही शोभा देंगे।इसीलिए लोगों की निगाहें कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) को ढूंढ़ रही थीं। लोगों को लग रहा था कोई आये न आये लेकिन सिर्फ योगी प्रतापगढ़ आये हैं इस बात पर राजनीति से ऊपर उठ राजा भैया खुद प्रतापगढ़ में योगी के साथ मंच साझा करेंगे। लोगों का अनुमान था कि लंबेे समय से भाजपा के साथ होने की कयासबाजी पर आज विराम लग जाएगा। राजनीतिक गलियारों में पूरे दिन चर्चा थी कि राजा भैया कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। लेकिन जैसे-जैसे चौपाल का का संचालन समय बढ़ता गया वैसे-वैसे लोगों द्वारा लगाया गया अनुमान कि राजा भैया आएंगे, यह दम तोड़ता गया। भाजपाइयों के साथ साथ चाय पीते हुए राजनीति की बात करने वाले लोगों ने भी कहा आखिर राजा भैया इतना सस्पेंस क्यों बनाये रहते हैं। यदि आज राजा भैया आते तो योगी का यह कार्यक्रम पूरे भारत चर्चित हो जाता।
चौपाल का मंच सजा भीड़ बहुत उत्साहित थी और यह सब देखते ही बन रहा था। हर व्यक्ति के जुबान पर योगी का ही नाम था। लेकिन चौपाल के मंच पर शाम जैसे-जैसे रात में बदलने लगी वैसे ही अचानक राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गयी। उस समय मंच पर कैबिनेट मंत्री मोती सिंह, जिले की प्रभारी मंत्री स्वाती सिंह, सांसद कुंवर हरिवंश सिंह, कौशांबी सांसद विनोद सोनकर, विधायक धीरज ओझा, सदर विधायक संगमलाल गुप्ता, पूर्व विधायक हरिप्रताप सिंह आदि लोग योगी आदित्यनाथ के साथ मंच साझा कर रहे थे। लेकिन वहां उपस्थित लोगों का कहना था कि मंच पर योगी के साथ सिर्फ कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह ही शोभा देंगे।इसीलिए लोगों की निगाहें कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया) को ढूंढ़ रही थीं। लोगों को लग रहा था कोई आये न आये लेकिन सिर्फ योगी प्रतापगढ़ आये हैं इस बात पर राजनीति से ऊपर उठ राजा भैया खुद प्रतापगढ़ में योगी के साथ मंच साझा करेंगे। लोगों का अनुमान था कि लंबेे समय से भाजपा के साथ होने की कयासबाजी पर आज विराम लग जाएगा। राजनीतिक गलियारों में पूरे दिन चर्चा थी कि राजा भैया कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। लेकिन जैसे-जैसे चौपाल का का संचालन समय बढ़ता गया वैसे-वैसे लोगों द्वारा लगाया गया अनुमान कि राजा भैया आएंगे, यह दम तोड़ता गया। भाजपाइयों के साथ साथ चाय पीते हुए राजनीति की बात करने वाले लोगों ने भी कहा आखिर राजा भैया इतना सस्पेंस क्यों बनाये रहते हैं। यदि आज राजा भैया आते तो योगी का यह कार्यक्रम पूरे भारत चर्चित हो जाता।
