प्रतापगढ़ में लोगों में कुछ इलाके के लोगों का बौद्धिक स्तर इतना गिर चुका है कि उन्हें न मान प्यारा है न सम्मान बस दारू की दो बोतल लगाई और आ गए बारातियों की बीच घुस गए उनकी माँ और बहनों और बेटियों के बीच फिर यदि रोको कि भाई आप बाराती नहीं हैं कृपया खलल न डालिये। तो फिर क्या ये लोग दिख देते हैं अपनी दो कौड़ी की औकात और कर देते हैं भरे समाज मे बेइज्जत और मारते पीटते सो अलग। मारें क्यों न कुत्ता भी अपने इलाके में शेर होता है। आप बाराती बने लाचार और शक्तिहीन हो जाते हैं। हम आम लोगों की बात कर करें हैं और प्रतापगढ़ में 90% आम लोग ही रहते हैं। इन लोगों को न घराती से मतलब होता है न बारातियों से इन्हें बस अपना इंटरटेनमेंट देखना होता है क्यों कि वह दिन दारू पीकर अच्छे से भुनाया जा सकता है। प्रतापगढ़ में लालगंज आझारा तहसील के पहाड़पुर, दांडी, सगरा सुन्दरपुर, कुंडा - मानिकपुर क्षेत्र, इधर जामताली, आसपुर देवसरा, उधर खानीपुर, कुंभीआइमा और एक तरफ रानीगंज तहसील के पूर्वी क्षेत्र यह सब ऐसे क्षेत्र हैं जहां यदि आप बारात लेकर जा रहे हैं तो बिना लड़ाई झगड़े के आप दुल्हन ला ही नहीं पाएंगे। घराती के घर आये कुछ लोग या घरातियों के गांव वाले इन सबमें से कोई न कोई ऐसा बुद्धिहीन निकल ही आता है जो बवाल कर ही देता है और सबको पता है कि कुत्ता भी अपने घर में शेर होता है तो यह लोग अपनी नीचता दिखाते हुए बारातियों की इज्ज़त सरे बाज़ार नीलाम कर देते हैं।
ऐसा ही कुछ हुआ नाबाबगंज थाना क्षेत्र में यहां द्वारचार जब हो रहा था तब डांस के लिए हुए विवाद में गुस्साए ग्रामीणों ने बारातियों पीट दिया। पगलाए ग्रामीणों का आक्रोश देख बारातियों में अफरातफरी मच गई। दूल्हे ने एक घर में घुसकर जान बचाई। अब जब बरातियों की इज्ज़त लूट ली गयी तो बवाल के बाद गांव के कुछ लोगों ने बीचबचाव करते हुए समझौता कराया। फिर किसी तरह रो गाकर विवाह संपन्न कराया गया। घराती की गलती न होते हुए भी बाराती मारे गए किसकी वजह से वही गांव के कुछ बुद्धिहीन अभिमानी कुत्तों जैसी सोंच रखने वाले लोग।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत नहरपार हिनांहू गांव के निवासी बहादुर यादव की बेटी सुनीता की शादी थी। जो की बबलू पुत्र विशेसर यादव निवासी दारानगर कौशाम्बी के यहाँ से तय की गई थी। बुधवार को जब द्वारचार के समय कौशाम्बी से आये बाराती डांस कर रहे थे। फिर हुआ वही जो प्रतापगढ़ में कुछ जगहों पर होता आया है। बगल गाँव का जो कि संग्रामपुर गाँव है । वहां का रंजीत कुमार भी बारातियों के बीच में घुसकर डांस करने लगा। इस पर बारातियों ने रंजीत के डांस करने पर विरोध जता दिया तो रंजीत भिड़ गया । भाई बाराती परेशान हो उठे उन्हीं बरातियों में से किसी ने रंजीत को एक थप्पड़ मार दिया। अब क्या था एक तो गलती ऊपर से गलती करने वालों का गाँव ऊपर से बारातियों ने मारा वाली बात बस फिर क्या था इससे नाराज ग्रामीणों ने बारातियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। लाज शर्म और हया को बेंच चुके ये ग्रामीण दूल्हे की तरफ दौड़े तब दूल्हा एक घर के भीतर भागा और छिप गया, इससे उसकी जान बची। इन नाराज ग्रामीणों ने बहुत देर तक हंगामा किया। तब गांव के कई संभ्रांत लोग इकट्ठा हुए बीचबचाव कर समझौता कराया। वैसे नवाबगंज पुलिस ने घटना की जानकारी से इंकार किया है और करें क्यों न इनकी तो वैसे भी लगी रहती है। क्यों कि इनके 100 नंबर पर कॉल करो तो पुलिस पहुंचती तो है लेकिन गाड़ी से नीचे पांव नहीं रखती है।
ऐसा ही कुछ हुआ नाबाबगंज थाना क्षेत्र में यहां द्वारचार जब हो रहा था तब डांस के लिए हुए विवाद में गुस्साए ग्रामीणों ने बारातियों पीट दिया। पगलाए ग्रामीणों का आक्रोश देख बारातियों में अफरातफरी मच गई। दूल्हे ने एक घर में घुसकर जान बचाई। अब जब बरातियों की इज्ज़त लूट ली गयी तो बवाल के बाद गांव के कुछ लोगों ने बीचबचाव करते हुए समझौता कराया। फिर किसी तरह रो गाकर विवाह संपन्न कराया गया। घराती की गलती न होते हुए भी बाराती मारे गए किसकी वजह से वही गांव के कुछ बुद्धिहीन अभिमानी कुत्तों जैसी सोंच रखने वाले लोग।
नवाबगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत नहरपार हिनांहू गांव के निवासी बहादुर यादव की बेटी सुनीता की शादी थी। जो की बबलू पुत्र विशेसर यादव निवासी दारानगर कौशाम्बी के यहाँ से तय की गई थी। बुधवार को जब द्वारचार के समय कौशाम्बी से आये बाराती डांस कर रहे थे। फिर हुआ वही जो प्रतापगढ़ में कुछ जगहों पर होता आया है। बगल गाँव का जो कि संग्रामपुर गाँव है । वहां का रंजीत कुमार भी बारातियों के बीच में घुसकर डांस करने लगा। इस पर बारातियों ने रंजीत के डांस करने पर विरोध जता दिया तो रंजीत भिड़ गया । भाई बाराती परेशान हो उठे उन्हीं बरातियों में से किसी ने रंजीत को एक थप्पड़ मार दिया। अब क्या था एक तो गलती ऊपर से गलती करने वालों का गाँव ऊपर से बारातियों ने मारा वाली बात बस फिर क्या था इससे नाराज ग्रामीणों ने बारातियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। लाज शर्म और हया को बेंच चुके ये ग्रामीण दूल्हे की तरफ दौड़े तब दूल्हा एक घर के भीतर भागा और छिप गया, इससे उसकी जान बची। इन नाराज ग्रामीणों ने बहुत देर तक हंगामा किया। तब गांव के कई संभ्रांत लोग इकट्ठा हुए बीचबचाव कर समझौता कराया। वैसे नवाबगंज पुलिस ने घटना की जानकारी से इंकार किया है और करें क्यों न इनकी तो वैसे भी लगी रहती है। क्यों कि इनके 100 नंबर पर कॉल करो तो पुलिस पहुंचती तो है लेकिन गाड़ी से नीचे पांव नहीं रखती है।
