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कांग्रेस पार्टी के रणनीतिकारों मानते है कि कांग्रेस को सवर्ण और मुस्लिम मतदाताओं के मध्य स्वयं को बतौर भारतीय जनता पार्टी के विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना चाहिए। देर-सवेर सवर्ण भी भारतीय जनता पार्टी से असंतुष्ट होकर कांग्रेस की तरफ रुख करेंगे। इसलिए कांग्रेस पार्टी की आला कमान ने प्रियंका को प्रदेश में सक्रियता बढ़ाने के लिए कहा है। यही वजह है कि प्रियंका गाँधी काफी एक्टिव हो गई है, चाहे सोनभद्र जिले का नरसंहार हो या फिर उन्नाव का रेपकांड हर तरफ प्रियंका दिखाई दे रही है। वो संघर्ष का कोई भी बड़ा मुद्दा नहीं छोड़न चाहती है।
प्रियंका के सोनभद्र दौरे पर मायावती का बयान, कहा - घड़ियाली आंसू न बहा रही है सपा-कांग्रेस
लोकसभा में प्रतिनिधित्व के लिहाज से देखें तो कांग्रेस पार्टी का यूपी में सफाया हो गया है। कांग्रेस केवल रायबरेली सीट ही जीत पायी है, जहां से पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी सांसद हैं। साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस की स्थिति काफी नाजुक रही। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को अपने बूते पर खड़े किए बगैर केंद्र की सत्ता हासिल करना संभव नहीं है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अब UP में किसी भी चुनाव में समाजवादी पार्टी अथवा बहुजन समाज पार्टी से कोई समझौता या गठबंधन नहीं करेगी। उनकी कशिश यही रहेगी कि ये दोनों पार्टी यूपी में शून्य पर पहुंचें, जिससे आम मतदाता भारतीय जनता पार्टी के विकल्प के तौर पर कांग्रेस पार्टी को देखने लगे।
